गणगौर मेले के दूसरे दिन लगने वाले दंगल में अन्य राज्यों से आए नामी पहलवानों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दमखम दिखाया। दंगल में पहली कुश्ती लड्डुओं से शुरू हुई तथा आखिरी कुश्ती 51 हजार रुपए की रही। दंगल में करीब 147 कुश्तियां हुईं। जिसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा अन्य राज्यों के नामी पहलवानों ने जोर आजमाइश की। इस बार महिला पहलवानों ने भी अपना दमखम दिखाया, जिन्हें देखने काफी भीड़ उमड़ पड़ी।
आखिरी कुश्ती में शेरा गुर्जर फतेहाबाद ने नवाज अली पंजाब को हराकर 51 हजार रुपए की आखिरी कुश्ती जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। विजेता ने जनसमूह से जमकर तालियां बटोरी और सम्मान प्राप्त किया। दंगल में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने तालियां बजाकर पहलवानों का जोश बनाया। दंगल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान प्रतिनिधि नागेश कुशवाह रहे। वहीं ग्राम विकास अधिकारी, बिरौंधा सरपंच त्रिपुरारी शर्मा, हिनौता सरपंच प्रताप कुशवाह, दुल्हारा सरपंच रामवीर, शैलू पोषवाल आदि विशिष्ट अतिथि रहे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रधान प्रतिनिधि कुशवाह ने कहा कि कुश्ती दंगल ग्रामीण क्षेत्र का परंपरागत खेल है जो आज भी ग्रामीण परिवेश में कायम है। विकास अधिकारी शर्मा ने कहा कि कुश्ती दंगल हमारी भारतीय परंपरा की देन है जो आज भी अपनी ख्याति को बनाए हुए है।
ग्राम पंचायत ने अतिथियों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया तथा आखरी विजेता पहलवान शेरा गुर्जर फतेहाबाद को साफा पहनाकर 51 हजार रुपए नगद पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया। इससे पहले आयोजित दंगल में 10 रुपए से लेकर 51 हजार तक करीब 147 कुश्तियों का आयोजन हुआ। विजेता पहलवानों को ग्राम पंचायत ने पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया गया। दंगल में लोगों का बड़ी संख्या में जनसैलाब उमड़ा। दंगल को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से तथा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं अन्य राज्यों से लोगों की भीड़ बड़ी संख्या में उमड़ी।