Rajasthan Bulldozer Action: राजस्थान के धौलपुर में देर रात पार्षद की 2 मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर, लोग भड़के
Rajasthan Bulldozer Action: राजस्थान के धौलपुर में दो दिन की शांति के बाद एक बार फिर नगर परिषद का पीला पंजा अतिक्रमण पर गरजा। कार्रवाई दोपहर में शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही।
Dholpur Bulldozer Action: धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर में दो दिन की शांति के बाद बुधवार को एक बार फिर नगर परिषद का पीला पंजा अतिक्रमण पर गरजा। कार्रवाई दोपहर में शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही। करीब 11 घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान शहर में तोप तिराहा से लेकर संतर रोड, लाल बाजार होते हुए चूड़ी मार्केट तक अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान कच्चे और पक्के अतिक्रमण को ध्वस्त किया।
कार्रवाई के दौरान जब विरोध हुआ तो जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी को खुद मौके पर आकर लोगों को अतिक्रमण हटाने की समझाइश करनी पड़ी। डीएम ने स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। कार्रवाई रात 11 बजे बाद तक जारी रही। इस दौरान नगर परिषद दस्ता ने शहर के गुरुद्वारा रोड स्थित एक निर्दलीय पार्षद के कार्यालय और पैथोलॉजी लैब पर भी कार्रवाई की। दोनों इमारतों बुलडोजर से ढहाया गया। नगर परिषद ने दोनों इमारतों को अतिक्रमण माना है। नगर परिषद चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा था।
संतर रोड पर शाम तक चली कार्रवाई
ड्यिोडी में कार्रवाई के बाद परिषद ने संतर रोड पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान दुकानों के आगे नालों पर बने चबूतरे और पत्थरों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। संतर रोड पर परिषद की कार्रवाई शाम तक चली। कार्रवाई के दौरान नगर परिषद आयुक्त अशोक कुमार शर्मा, सीओ शहर और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
पार्षद कार्यालय और लैब पर भी कार्रवाई
शहर में रात में अतिक्रमण दस्ता गुरुद्वारा रोड पर पहुंच गया। दस्ते ने एक वार्ड पार्षद के कार्यालय पर भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। साथ ही एक पैथोलॉजी लैब की इमारत पर भी दस्ते ने कार्रवाई की। बुलडोजर से पहले सीढ़ियों तोड़ी और फिर रैलिंग इत्यादि उखाड़ फेंकी। इस दौरान समर्थकों ने नाराजगी जाहिर की। कार्रवाई के दौरान स्वयं डीएम, आयुक्त अशोक शर्मा और सीओ मौजूद रहे।
इससे पहले दोपहर दो बजे के बाद तोप तिराहा पर जेसीबी देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई। और देखते ही देखते अतिक्रमण पर परिषद की कार्रवाई प्रारंभ हो गई। परिषद ने सबसे पहले तोप तिराहा स्थित ड्यिोडी पर हो रहे कच्चे और पक्के अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। लेकिन परिषद की टीम ने लोगों के विरोध को नजरअंदाज कर दिया।