हलेड़ के पूर्व सरपंच हरफूल ने ज्ञापन देते हुए बताया कि नगर निगम भीलवाड़ा का नगरीय दायरा बढ़ने के साथ 24 ग्राम पंचायतें निगम में शामिल हो गई। इसमें हलड़े ग्राम पंचायत के हलेड़ व सबलपुरा ग्राम को भी इसमें शामिल किया गया है। लेकिन सरपंच व सचिव मिलकर सरकारी जमीन की बंदरबांट करते हुए नियमों के विपरीत जाकर पट्टे जारी करने की कार्रवाई कर रहे है। सरपंच लाड देवी आचार्य ने 323 जनों को पट्टा जारी करने का निर्णय किया। इनमें से 40 से 45 दस्तावेज पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए है। इन सभी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। हरफूल ने आरोप लगाया कि हलेड़ में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन है। इनमें से कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जे करके पट्टे लेने के प्रयास कर रहे है।
पंचायत राज विभाग के उपायुक्त एवं उप शासन सचिव इंद्रजीतसिंह ने पत्रिका को बताया कि भीलवाड़ा नगर निगम में शामिल किए गए 24 ग्राम पंचायतों की अधिसूचना गुरुवार को जारी कर दी जाएगी। उसके बाद से किसी भी ग्रांम पंचायत की ओर से पट्टे जारी करने पर रोक लग जाएगी।
हाल ही जारी किए पट्टों को निरस्त करने की मांग विभिन्न संगठनों ने सुवाणा पंचायत समिति क्षेत्र के हाल ही नगरीय क्षेत्र में शामिल हुए 23 अन्य ग्राम पंचायतों की तरफ से फरवरी से लेकर अभी तक जारी हुए फर्जी पट्टों की जांच करने व उनकी रजिस्ट्री को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। इस संदर्भ में क्षेत्र के लोगों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भी दिया है।