ऐसे काम करेगा फेस रिकग्निशन सिस्टम
- जिन स्थानों पर एआई कैमरा लगेंगे वहां की पूरी फीड को यह मेन सर्वर तक पहुंचाएगा।
- फीड मिलने पर सर्वर में पहले से अपलोड तस्वीरों से अपने आप मिलान करेगा।
- जो भी व्यक्ति कैमरे में दिखाई दिया वो अपराधी है या नहीं, एआई चंद सेकंड में पहचान करेगा।
- अपराधी मॉनिटर पर दिखाई देने लगता है।
- सीसीटीवी के सामने आने वाले लोगों की उम्र और लिंग की जानकारी बताएगा।
- पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक वह अपराधी नहीं है तब सिग्नल हरा दिखता है।
- दो माह में लगेंगे 157 कैमरे
बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक प्रकाश पंचोली ने बताया कि जल्द ही शहर के एक्सिट और एंट्री पाइंट पर 157 कैमरे लगाए जाएंगे। इन स्थानों पर फिक्स और एनपीएआर (नंबर प्लेट रीड करने वाले) कैमरे लगाए जाएंगे। इसका जल्द ही टेंडर जारी होंगे। एआई के लिए सिस्टम अपग्रेड होगा। एआई सॉफ्टवेयर काम करेगा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, भीड़भाड़ वाले इलाके, मार्केट, धार्मिक स्थल और शापिंग माॅल में यह सिस्टम शुरूआत में काम करेगा।एआई आधारित होगा शहर
विधायक कोठारी ने कहा कि समाजकंटकों की ओर से उत्पन्न समस्याओं से आमजन को नुकसान उठाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए स्मार्ट कैमरे लगाने को कहा है। बीएसएनएल के सहायक महाप्रबंधक पंचोली ने बताया कि योजना लागू के लिए कलक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव व विधायक कोठारी की अध्यक्षता में बैठक हुई। एसपी ने मैनुअल मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके तहत सीसीटीवी फुटेज से चेहरे एक्सट्रैक्ट करने जैसे कार्य प्रगति पर हैं। इन कैमरों का डाटा थानों के साथ कंट्रोल रूम और अभय कमांड सेंटर, अजमेर में भी उपलब्ध रहेगा। इन कैमरों को ऑटोमेटिक चालान सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा, वाहनों की गति नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में भी उपयोग होगा।