कोटड़ी के विष्णु कुमार वैष्णव ने बताया कि कोटड़ी के धर्म तालाब एवं बड़ा तालाब करीब 104 बीघा में फैला हुआ है। लेकिन क्षेत्र के सरपंच व पूर्व सरपंच ने मिलकर 27 बीघा जमीन पर भूखंड काटकर तालाब के आकार को छोटा कर दिया। इस मामले में जिला प्रशासन को शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करने पर अधिवक्ता लोकेन्द्र सिंह कच्छावा के माध्यम से एनजीटी में जनहित याचिका दायर की। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने सात जनों को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में आरपीसीबी से जवाब मांगा है।
वैष्णव ने आरोप लगाया कि कोटड़ी क्षेत्र में पेयजल एवं कृषि के लिए मुख्य स्त्रोत रहे धर्म तालाब एवं बड़ा तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण होने व भूखंड काटने से तालाब का क्षेत्रफल कम हो गया है। आसपास के व्यवसायियों व क्षेत्रवासियों ने तालाब में सीवरेज का गंदा पानी, शहर का कचरा व मलबा डालकर तालाब के मूल स्वरूप को नष्ट कर दिया। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि जिला कलक्टर इसका मौका देखकर वास्तविक स्थिति एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करें। इस मामले की सुनवाई 9 जुलाई को होगी।