क्या है घिबली स्टूडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों घिबली आर्ट एनिमेशन छाया हुआ है। लोग अपनी फोटो से उसका एनिमेशन बना रहे हैं। घिबली भले ही आम लोगों के लिए नया हो, लेकिन इसकी शुरुआत वर्ष 1985 में हुई थी। अपने हैंड-ड्रॉन ऐनिमेशन के माध्यम से किस्से-कहानियां कहने वाली इस आर्ट स्टूडियो ने लाखों दिलों को जीता है। लेकिन घिबली आर्ट बनाने के लिए इसके कहे अनुसार ऐप में जाना पड़ता है। इससे आपकी सारी जानकारी मांगी जाती है। यहां तक घिबली आर्ट बनाने के लिए चेटजीपीटी में जाना पड़ता है। वह आपका सारा डाटा सेव कर रहा है। इसके अलावा बैंक खाते की जानकारी भी ली जा रही है। साइबर क्राइम से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि घिबली आर्ट के माध्यम से स्वयं के डाटा भी वह चुरा रहा है। इससे कभी भी साइबर क्राइम को अंजाम दिया जा सकता है।
1930 पर करें शिकायत, लेकिन हकीकत कुछ ओर साइबर ठगी होने के तुरंत 1930 पर कॉल करने के लिए नंबर का प्रचार किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि इस नंबर पर फोन करने पर पहले तो नेशनल साइबर क्राइम नंबर 1930 पर कॉल करने पर आपका स्वागत है। कहकर फोन को काट दिया जाता है। दूसरा फोन करने पर भी यहीं स्थिति होती है। फिर फोन पर घंटी तो जाती है, लेकिन फोन कोई नहीं उठाता है।गलती से कोई फोन उठा भी लेते है तो दूसरी ओर से कोई जवाब तक नहीं मिलता है।