बांग्लादेश टेक्सटाइल का निर्यात भी बढ़ा बांग्लादेश का गारमेंट सेक्टर संकट में है। पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के बाद कई फैक्ट्रियां बंद हो गई है। उसके बावजूद भी वहां से अन्य देशों के लिए कपड़ा निर्यात में तेजी आई है। क्योंकि बांग्लादेश, चीन के बाद दुनिया में रेडीमेड गारमेंट और कपड़ा उत्पादों में दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। वही कुछ मिलों के बंद होने से इसका फायदा भारत के साथ भीलवाड़ा को भी हुआ। बांग्लादेश से अधिक आर्डर मिलने लगे है।
रेडीमेड गारमेंट का बढ़ा निर्यात बांग्लादेश से निटवियर का अन्य देशों में निर्यात जुलाई से फरवरी 2023-24 में 12917.93 मिलियन डॉलर का निर्यात हुआ था, वह जुलाई से फरवरी 2024-25 में 11 प्रतिशत से बढ़कर 14340.42 मिलियन डॉलर हो गया। इसी प्रकार वूवन गारमेंट में जुलाई से फरवरी 2023-24 में 11301.40 मिलियन डॉलर का निर्यात था, वह जुलाई से फरवरी 2024-25 में 10.22 प्रतिशत से बढ़कर 12456.00 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यानी पिछले साल बांग्लादेश ने 24219.33 मिलियन डॉलर का निर्यात किया था वह इस वित्तीय वर्ष में 10.64 प्रतिशत से बढकर 26796.44 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
भीलवाड़ा से बढ़ा 14 प्रतिशत निर्यात भीलवाड़ा से मुख्य रूप से बांग्लादेश के लिए यार्न व निटिंग यार्न, वीविंग डेनिम वेफ्ट ऑपन एंड यार्न निटिंग के लिए मिलांज यार्न के साथ डेनिम फेब्रिक्स का निर्यात होता है। पिछले साल अप्रेल से मार्च 2024 तक 2740 करोड़ का निर्यात किया था। इस साल बढ़कर अप्रेल से फरवरी 2025 तक 3150 करोड़ का हो गया है। इसके अलावा 450 करोड़ का डेनिम फेब्रिक्स का भी निर्यात किया है।
निर्यात बढ़ने से मिला फायदा बांग्लादेश में राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भी वहां से कपड़े का निर्यात बढ़ा है। कुछ उद्योगों के बंद होने से फायदा भीलवाड़ा व प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योगों को हुआ। टेक्सटाइल उद्योग ने पिछले साल के मुकाबले फरवरी माह तक 14 प्रतिशत से अधिक की निर्यात की तेजी आई है। यह भीलवाड़ा के लिए शुभ संकेत है। आने वाले समय में और तेजी की संभावना है।
– आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कामर्स भीलवाड़ा