आपको बता दे की तरवा थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार 31 मार्च को थाना स्थानीय पर मृतक सन्नी कुमार पुत्र हरिकान्त निवासी उमरी थाना तरवां छेड़खानी के मुकदमे में पकड़कर लाया गया था। थाना परिसर के शौचालय में फांसी लगाकर मुत्यु हो जाने की घटना को लेकर आरोपी बलवन्त, महेश सोनी, अजय कुमार, मधुबन राम,चन्दन राम, राकेश यादव, रोहित कुमार, विशाल सिंह, मुकेश कुमार, संजय राम,महेश कुमार , जैकी, शिवम व 30-40 अज्ञात व्यक्तियो द्वारा परमानपुर चौराहे पर लाठी डण्डा व ईट पत्थर लेकर प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए परमानपुर चौराहे पर जाम लगा दिया। जिससे यातायात व्यवस्था पूर्णतः बाधित हो गया।
उक्त सूचना पर उच्चाधिकारीगण के निर्देश पर शांति व्यवस्था ड्यूटी में दस थाने की फोर्स व अन्य पुलिस बल मौके पर पहुचे। मौके पर मौजूद अधिकारीगण द्वारा बलवाईयो को समझाते बुझाते व चेतवानी देते हुए इसे नियम विरुद्ध बताया गया। किन्तु प्रदर्शनकारी एकाएक उग्र होकर व एक राय होकर गाली गुप्ता व जान से मारने की धमकी देते हुए आमदा फसाद होकर हाथो में लिए लाठी, डण्डा, सरिया व ईट पत्थर आदि से जान से मारने की नियत से हमला कर दिये और पुलिस बल पर पत्थरबाजी करने लगे। मौके पर शांति व्यवस्था ड्यूटी में मौजूद निरीक्षक अखिलेश मौर्या प्रभारी मानीटरिंग सेल आजमगढ़ को मारपीट कर गंम्भीर रूप से घायल कर दिये व प्राणघातक हमले में उनका पैर टूट गया व अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गये। उपद्रवियों ने थाना सिधारी के वाहन पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी प्रकार वाहन में मौजूद प्रभारी निरीक्षक सिधारी व हमराही अपनी जान बचाकर भागे।
मौके पर मौजूद पुलिस बल द्वारा काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया।किन्तु बलवाई अपनी बेजा हरकत से बाज नहीं आ रहे थे। बलवाई द्वारा बाजार के तमाम दुकानो को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जिसके बाद हल्का बल प्रयोग कर बलवाईयों को मौके से हटाया गया।