कैसे पकड़ा गया तस्करों का गिरोह?
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना पुलिस और स्वाट टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि तस्कर गांजे की बड़ी खेप लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने रानी की सराय थाने से करीब सेमरहा अंडरपास के पास वाहन चेकिंग अभियान चालू किया। पुलिस ने एक संदिग्ध ऑटो को रोका, जो खाली नजर आ रहा था और उसमें कोई सवारी नहीं थी। जांच के दौरान पुलिस को ऑटो की छत कुछ मोटी लगी जिससे संदेह हुआ। जब छत की परत हटाई गई तो अंदर बने चैंबर में गांजे की थैलियां मिलीं।10 साल से कर रहे थे तस्करी
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार के गोपालगंज थाना क्षेत्र के एकडेवरा वार्ड नं.11 के निवासी मास्टर साहनी और उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र के छित्रवली गांव निवासी सुरेंद्र यादव के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले 10 सालों से गांजे की तस्करी कर रहे थे और पुलिस से बचने के लिए हर बार नई तरकीब अपनाते थे। यह भी पढ़ें