उक्त राशि से वन विभाग की ओर से ईको फ्रेंडली 18 फीट ऊंचे मुख्य गेट का निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। करीब ढाई किलोमीटर लम्बे मिट्टी व मोर्रम से ईको ट्रैक का निर्माण कार्य भी कराया गया हैं। उक्त ट्रैक पर लोग पैदल घूम सकेंगे तथा लोगों को लवकुश वाटिका में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। इसके बाद पांच-पांच सौ मीटर की दूरी पर दो पक्के व दो पुलों की हट बनाई गई है। उक्त हटों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा झरनों के बांध की ऊपरा के नीचे नाले की भूमि का कटाव रोकने के लिए पांच बड़े व दो छोटे गेबिन बनाए गए है। पेड़ों के नीचे बैठने के लिए आठ बड़े व एक छोटा गोल चबूतरा बनाया है। पानी की दो टंकियां, दो बोरिंग व जंगली जानवरों को पानी पीने के लिए तीन वाटर हॉल का निर्माण कराया जा चुका है। करीब 1000 पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। वाटिका में पर्यटकों के बैठने के लिए कुर्सी व बेंच जगह-जगह लगाई जा चुकी हैं, जिसमें घूमने वाले काफी लोग रमणीय स्थान पर बैठकर भोजन कर सकते हैं।
पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगी क्षेत्रीय वन अधिकारी राहुल फौजदार का कहना है कि मुख्यमंत्री बजट घोेषणा में लवकुश वाटिका का कार्य स्वीकृत हुआ था। जिसका एक फेज गत वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुआ तथा दूसरा फेज इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुआ है, जिसमें चैन, फैसिंग, झोपे, गोबिन, वन्य जीवों को पीने के लिए पानी की टंकियां व वाटर हॉल जगह-जगह बनाए गए हैं। इसके अलावा एक हजार पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा अन्य कार्य किए गए हैं। शीघ्र ही लवकुश वाटिका में कार्य पूर्ण होने की संभावना है। झरने के पास लवकुश वाटिका होने से यह पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होगी।
पर्यटकों की संख्या में होगा इजाफा लोगों का कहना हैं कि कस्बे के माचाड़ी मार्ग स्थित पर्यटक स्थल झरना धाम के पास लवकुश वाटिका बनने से बड़ी संख्या में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। साथ ही बारिश के मौसम में झरना धाम के बांध में पानी भरने के साथ ही चारों तरफ पहाड़ व पहाड़ियां हरियाली से आच्छादित होने से बड़ा ही मनोरम दृश्य लोगों को दिखाई देगा।
फैक्ट फाइल पर्यटन स्थल – राजगढ़ पर्यटन स्थल झरना धाम पर लवकुश वाटिका एरिया – 100 बीघा भूमि पर लागत – करीब 2 करोड़ रुपए कार्य – 18 फीट ऊंचा दरवाजा, ढाई किमी ईको ट्रैक व चार हट का निर्माण अन्तिम चरण में
विशेषता – पर्यटकों के लिए रहेगी आकर्षण का केन्द्र सहुलियत – प्रवेश रहेगा निःशुल्क पर्यावरण संतुलन – 1000 पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। लवकुश वाटिका का कार्य स्वीकृत हुआ था मुख्यमंत्री बजट घोेषणा में लवकुश वाटिका का कार्य स्वीकृत हुआ था। जिसका एक फेज गत वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुआ तथा दूसरा फेज इस वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुआ है।
राहुल फौजदार, क्षेत्रीय वन अधिकारी।