सार्वजनिक जगहों पर न करें पेयरिंग
किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बहुत सारे ब्लूटूथ ऑन रहते हैं। इससे साइबर अपराधी किसी भी अनजान ब्लूटूथ से अपने मोबाइल को कनेक्ट करने के बाद मोबाइल हैक कर कर सकते हैं। इस दौरान साइबर अपराधी के मोबाइल से आपका फोन कनेक्ट होते ही आपकी सारी जानकारी उसके पास जा सकती है। इससे वह सबसे पहले आपके बैंक का डिटेल लेकर अकाउंट खाली कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार साइबर ठगी से बचाव के लिए मोबाइल में ब्लूटूथ चालू कर प्ले स्टोर में न जाएं। वहीं, ब्लूटूथ ऑन कर मालवेयर ऐप डाउनलोड करना भी आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। इसके अलावा और भी कई ऐसे ऐप है जिनको डाउनलोड करने पर आपके मोबाइल को हैक किया जा सकता है। मालवेयर व स्पा ऐप सबसे ज्यादा खतरनाक
साइबर एक्सपर्ट लोकेश नागर के मुताबिक मालवेयर सॉफ्टवेयर ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे ब्लूटूथ पेयरिंग के साथ किसी भी मोबाइल पर भेजा जा सकता है। मोबाइल धारक को इसकी भनक भी नहीं लगेगी। मालवेयर स्पा ऐप के माध्यम से किसी भी मोबाइल पर कब्जा किया जा सकता है। इसके बाद साइबर अपराधी किसी भी तरह का उपयोग उस मोबाइल का कर सकता है।
ऐसे बचे साइबर अटैक से
नजान पेयरिंग होने न दें किसी भी ब्लूटूथ को अनजाने में पेयरिंग न करें, इससे आपके मोबाइल की जानकारी ली जा सकती है। एंटी वायरस का इस्तेमाल करें मोबाइल चोरी होने पर जो भी व्यक्ति उसे खोलेगा उसका फोटो एंटी वायरस आपके ईमेल पर भेज देता है। वीकेंड पर ज्यादा सावधानी बरतें साइबर ठगी का खतरा शुक्रवार या शनिवार की रात को अधिक रहता है। शनिवार-रविवार बैंक बंद होते हैं, जिसकी वजह से अकाउंट रिकवर करने में देरी हो सकती है।
हॉट स्पॉट का पासवर्ड मजबूत रखें अपने मोबाइल का हॉट स्पोट ऑन करके नहीं छोड़ें, साथ ही हॉट स्पोट का पासवर्ड भी मजबूत रखें। तत्काल शिकायत करें साइबर ठगी की जानकारी होते ही तत्काल नेशनल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। इसके अलावा बैंक शाखा में जाकर अधिकारी को बताएं। ताकि ठगी की राशि कवर की जा सके।