ऐसी नौबत आती भी है, तो उन्हें इलाके के पुलिस उपायुक्त से पूर्व मंजूरी लेनी होगी। नाइट ड्यूटी वाले दिन को छोड़ हर दिन सुबह 10 बजे थाने में उपस्थित होना होगा। शाम छह बजे के बाद से रात 11 बजे तक पीआई को उनके इलाके में पेट्रोलिंग , वाहन चेकिंग, अपराधियों की चेकिंग करनी होगी। जिस दिन रात्रि ड्यूटी हो उस दिन पीआई रात 9.30 बजे घर जा सकेंगे, लेकिन उन्हें फिर रात 11 बजे नाइट ड्यूटी पर हाजिर होना होगा। सुबह पांच बजे तक नाइट ड्यूटी रहेगी। उसके बाद वे दोपहर 12.30 तक थाने में हाजिर हो सकेंगे।
क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम, महिला, ट्रैफिक में भी लागू
यह निर्देश शहर के थानों के साथ सभी कार्यालयों और शाखाओं में भी लागू होंगे। इसमें क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम ब्रांच थाना, महिला थाना और ट्रैफिक पुलिस थाना भी शामिल हैं।
जेसीपी से लेकर एसीपी को सुननी होगी शिकायत
सीपी के निर्देश के तहत विशेष पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी), अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडिशनल सीपी), उपायुक्त (डीसीपी) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) को भी हर दिन दोपहर 12 बजे से दो बजे के दौरान कार्यालय में उपस्थित रहकर लोगों की शिकायतों को सुनना होगा। उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई करनी होगी। किसी कारणवश ये अधिकारी बाहर रहते हैं, तो उनके रीडर पीएसआई, पीए शिकायतकर्ताओं से मिलेंगे, उनकी शिकायत सुनेंगे और लेंगे फिर अधिकारी को अवगत कराएंगे। ज्ञात हो कि पुलिस आयुक्त जी एस मलिक खुद भी सुबह 11 बजे लोगों से मिलते हैं। उनकी शिकायतें सुनते हैं।