6 घंटे में बनेगा दुनिया का पहला 3D प्रिंटेड रेलवे स्टेशन
कल्पना कीजिए, रात को आखिरी ट्रेन प्लेटफॉर्म छोड़ती है और सुबह पहली ट्रेन आती है तो वहाँ नया चमचमाता रेलवे स्टेशन खड़ा होता है। जापान की वेस्ट जापान रेलवे (जेआर वेस्ट) 25 मार्च को यह कारनामा कर दिखाएगी। पुरानी लकड़ी की इमारत वाला हात्सुशिमा स्टेशन भविष्य की तकनीक का जीता-जागता उदाहरण बनेगा। सिर्फ 6 घंटे में दुनिया का पहला 3D प्रिंटेड रेलवे स्टेशन तैयार हो जाएगा। ओसाका से करीब 96 किलोमीटर दक्षिण में वाकायामा प्रांत में बनने वाले स्टेशन की दीवारों पर अरिदा सिटी के संतरे और तचिउओ मछली की आकर्षक छवियां उकेरी जाएंगी।
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3D प्रिंटेड रेलवे स्टेशन बनाने के लिए एक हाई-टेक 3D प्रिंटर से स्टेशन के मुख्य हिस्से प्रिंट किए जाएंगे। फिर इन हिस्सों को प्रबलित कंक्रीट से भरा जाएगा और निर्माण स्थल पर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद क्रेन की मदद से श्रमिक इन हिस्सों को जोड़ेगे और पूरा ढांचा तैयार करेंगे, जिससे रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। इसका आकर 10 वर्ग मीटर होगा, ऊंचाई 2.6 मीटर, चौड़ाई 6.3 मीटर और गहराई 2.1 मीटर होगी।
क्या है 3D प्रिंटेड रेलवे स्टेशन बनाने की वजह?
जापान में कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की कमी बड़ी समस्या है। जापान रेलवे को उम्मीद है कि 3D प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से यह चुनौती हल हो सकती है। कंपनी भविष्य में इस टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए इसकी लागत, रख-रखाव और प्रबंधन का अध्ययन भी करेगी। हात्सुशिमा स्टेशन समुद्र के किनारे है। इस दौरान यह भी जांचा जा सकेगा कि 3D प्रिंटेड रेलवे स्टेशन स्टेशन समुद्री हवा और कठिन मौसम परिस्थितियों को कैसे झेलता है।