सागर शहर में स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के बाद उपभोक्ताओं की सबसे ज्यादा शिकायतें इसी समस्या से जुड़ी हुई हैं, लेकिन बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। दरअसल, बिजली कंपनी शहर में उपभोक्ताओं के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रही है। इस दौरान ठेकेदार के कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं और घर के अंदर की बिजली सप्लाई को नजरअंदाज कर मनमर्जी से फेस और न्यूट्रल की सप्लाई दे रहे हैं। कर्मचारियों की इस गलती की वजह से आम उपभोक्ताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एमसीबी से बदले गए कनेक्शन से समस्या हल
दूरसंचार कॉलोनी में किराए से रहने वाले सेना के जवान राजू सिंह ने बताया कि वह पिछले दो माह से अपने घर राजस्थान गए थे। इसके बावजूद उनके घर की बिजली खपत 150 से 200 यूनिट तक हुई। जब उन्होंने इलेक्ट्रिशियन को बुलाया, तो पता चला कि उनके मीटर का कनेक्शन गलत किया गया था। बाद में एमसीबी (लघु सर्किट ब्रेकर) से सही कनेक्शन करने के बाद बिजली की खपत कम हो गई। इसी प्रकार, सिविल लाइन निवासी हरवंश अग्रवाल ने बताया कि उनके किरायेदार का भी बिजली बिल काफी बढ़कर आ रहा था। जब एमसीबी से फेस और न्यूट्रल के कनेक्शन बदले गए, तो प्रतिदिन की खपत में कमी आ गई।
हर महीने 150 से अधिक शिकायतें
बिजली कंपनी में सबसे ज्यादा शिकायतें बढ़े हुए या गलत बिजली बिलों से जुड़ी होती हैं। उपभोक्ताओं की इन शिकायतों के निराकरण के लिए कंपनी पूरे जिले में प्रत्येक मंगलवार को शिविर लगाती है। शहर में भी हर मंगलवार चार अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगाए जाते हैं। इन शिविरों में हर माह करीब 150 उपभोक्ता अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं।
उपभोक्ता कर सकते हैं शिकायत
इस मामले में बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता अजीत चौहान का कहना है कि मीटर इंस्टॉलेशन में गलती को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उनके कनेक्शन गलत किए गए हैं, तो वे इसकी शिकायत कर जांच करवा सकते हैं।