हर जगह लगानी पड़ती है लाईनें
चिकित्सालय में जाने वाली रोगियों को सर्वाधिक परेशानी लाईनों के कारण होती है। रोगियों को रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगानी पड़ती है। इसके बाद चिकित्सकों को जांच कराने के लिए, चिकित्सक के जांच लिखने पर उसके लिए लाइन और फिर रिपोर्ट लेने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। हालांकि चिकित्सालय प्रशासन की ओर से बैठने के लिए कुर्सियां आदि लगा रखी है, लेकिन रोगियों की संख्या के कारण वह कई बार नाकाफी साबित होती है। इसके कारण रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बजट घोषणा में चिकित्सालय में 50 बेड बढ़ाए
राज्य सरकार की ओर से बजट में आर.के.राजकीय चिकित्सालय में 50 बेड बढ़ाने की घोषणा की है। चिकित्सालय में पहले 150 बेड थे, लेकिन अब जल्द ही 200 बेड हो जाएंगे। रोगियों को तो फायदा मिलेगा साथ ही सुविधाओं में विस्तार होगा। लेकिन चिकित्सालय में चिकित्सकों के पद रिक्त होने के कारण काफी परेशानी होती है। 50 बेड और बढऩे से चिकित्सकों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। इसी प्रकार चिकित्सालय में कॉडियोलॉजी यूनिट की घोषणा की गई है। इससे ह्वदय रोगियों को फायदा होगा। रोगियों को उपचार के लिए उदयपुर और अहमदाबाद जाना पड़ता था।
मौसमी बीमारियों के रोगी बढ़े, 50 बेड बढ़ेंगे
पिछले कुछ दिनों मौसमी बीमारी से ग्रस्त रोगियों की संख्या बढ़ रही है। एलर्जी खांसी के रोगी भी बढ़ रहे हैं। बजट घोषणा में 50 बेड बढ़ेंगे। इससे सुविधाओं में विस्तार होगा और रोगियों को भी फायदा मिलेगा।