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Crime News: 6 लड़कियों की गुंडागर्दी! अपनी ही सहेली को बाथरूम से निकाल कर जमकर पीटा, पीड़िता ने बताई आपबीती मारपीट के मामले में पीड़ित परिवार जब हथबंद थाने गया, तो उन्हें भगा दिया गया। तीन दिन बाद
एफआईआर दर्ज की गई। पुलिसकर्मियों के खिलाफ परिवार ने एसएसपी विजय अग्रवाल से शिकायत हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला राइस मिल बनाने के लिए सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने से जुड़ा है। इस पर खुद ग्राम पंचायत ने आपत्ति दर्ज कराई है। तहसीलदार ने मौके पर पटवारी भी भेजा था। दस्तावेजों में तकरीबन 30 डिसमिल से ज्यादा सरकारी जमीन पर कब्जे की बात सामने आई।
ऐसे में सरपंच अनिता कुंभ वर्मा का कहना था कि सीमांकन तक मिल निर्माण पर रोक रहे। सरपंच के मुताबिक, मिल मालिक रौनक अग्रवाल ने पंचायत की आपत्ति के बाद भी निर्माण जारी रखा था। पूरे घटनाक्रम में किसान खोरबाहरा जायसवाल की एंट्री ऐसे हुई कि वे सरपंच के पति के खास परिचित हैं। गांव के सयाने भी हैं। ऐसे में वे गांव के मुद्दों पर उनसे सलाह-मशवरा करते रहते हैं। मिल मालिक रौनक पर आरोप है कि जमीन पर अवैध कब्जे का पोल खुलने के पीछे उसे खोरबाहरा का हाथ लग रहा था। इसी द्वेष में उसने साजिश के तहत अपने मुंशी से किसान को मिल बुलाकर निर्ममता से पीटा। इसमें पूर्व सरपंच का भी हाथ था। इसका तर्क भी यही कि खोरबाहरा सरपंच परिवार का खास है। इधर, घटना से ग्रामीणों में खासा रोष है। ब्लॉक कांग्रेस सुहेला के अध्यक्ष भुनेश्वर वर्मा ने गांववालों के समर्थन में राइस मिल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
किसान से मारपीट के मामले में हथबंद थाने में मिल मालिक रौनक अग्रवाल, पूर्व सरपंच देवनारायण साहू, मिल मुंशी शत्रुघ्न नौरंगे और उसके भाई गोरेलाल नारंग के खिलाफ धारा 296, 115/2, 3 ,5 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। बताते हैं कि इन सभी ने किसान का शर्ट उतार दिया था। फिर ये कहकर चप्पल और जूतों से मारते रहे कि सिर न फुटे। खून न निकले। इस मारपीट से किसान के शरीर में कई जगहों पर लाश निशान भी उभर आए हैं। अधमरा होने के बाद आरोपी मौके से भागे, तब पीड़ित की पत्नी चंद्रवती जायसवाल, भतीजे दीपक जायसवाल और पुत्र चूमेश जायसवाल किसान को तिल्दा के मिशन अस्पताल ले गए। यहां तीन दिन इलाज के बाद पीड़ित को डिस्चार्ज किया गया। पीड़ित खुद थाने पहुंचा। तब पुलिस ने एफआईआर लिखी।
गांव के टीकाराम जायसवाल, टीकाराम साहू और शत्रुघ्न साहू ने बताया कि मिल मालिक लापवाही करते हुए गांव के लिए लगातार नई संकटें पैदा कर रहा है। बीते दिनों उसने मुरुम सड़क पर पटकवा दी थी। इसके चलते एक स्कूल वैन समेत कई गाड़ियां पलटी। तीन बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें से एक बच्चे का हाथ तो फ्रैक्चर भी हो गया था। एक बच्चे के चेहरे पर गंभीर चोट आई थी। गांववाले बताते हैं कि वैन ड्राइवर को इलाज-पानी का खर्चा देने की बात कही गई थी। उसके द्वारा भी पूरा खर्चा नहीं दिया गया। गांववाले बताते हैं कि इन्हीं मनमानियों की वजह से वे 5 मार्च को मिल मालिक रौनक के पास गए थे। उससे सीमांकन रवाने कहा, लेकिन उसने ग्रामीणों की बातों को धत्ता बताते हुए सीमांकन से इनकार कर दिया।
पीड़ित की शिकायत पर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी फिलहाल फरार हैं। हमारी टीम उन्हें जल्द पकड़ लेगी। हरीश सोना, टीआई, हथबंद थाना राइस मिल के लिए सरकारी जमीन पर कब्जा हुआ है, तो सीमांकन करवा लें। मैं अपने निजी भूमि पर काबिज रहूंगा। अगर किसी तरह का कब्जा हुआ होगा तो मैं उसे छोड़ दूंगा। जहां तक चोरी और मारपीट का मामला है तो इसे मिल से जोड़कर देखना गलत है।
रौनक अग्रवाल,संचालक, राइस मिल