भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी जालोर इकाई को परिवादी के जसवंतपुरा में रामसीन रोड पर स्थित कॉम्पलेक्स में लगे विद्युत कनेक्शन को 1 केवी सिंगल फेस से 15 केवी फेस में भार वृद्धि (लोड बढ़ाने) करने के लिए परिवादी से 7 हजार रुपए की रिश्वत राशि की मांग की शिकायत मिली। जिस पर एसीबी जोधपुर रेंज उप महानिरीक्षक हरेन्द्रकुमार महावर के सुपरबिजन में एसीबी जालोर इकाई एएसपी मांगीलाल राठौड़ के नेतृत्व में ट्रेप की कार्रवाई करते हुए पारसनाथ फैक्ट्री के पीछे आबूरोड, जिला सिरोही हाल कनिष्ठ अभियंता जोधपुर डिस्कॉम (जसवंतपुरा) अंकित तिवारी पुत्र श्यामलाल तिवारी को 7 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ जारी है।
यह था मामला
जसवंतपुरा निवासी परिवादी राजेंद्र कुमार पुत्र भूरमल सुथार ने परिवाद पेश कर बताया था कि उसकी रामसीन रोड पर स्थिति निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स पर केवी का विद्युत था। जिस पर 1 दिसंबर 2024 को 15 केवी लोड बढ़ाने के लिए जेईएन कार्यालय में फाइल जमा करवाई। जिसके बाद परिवादी ने कई बार विभाग के चक्कर काटे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस संदर्भ में परिवादी ने एक्सईएन कार्यालय भीनमाल में भी शिकायत की। लगातार विभाग के चक्कर काटने के बाद परिवादी ने कनिष्ठ सहायक को फ़ाइलें जमा करके डिमांड एस्टीमेट जारी करने की मांग की। बार-बार चक्कर काटने पर डिमांड एस्टीमेट जारी कर 12 मार्च को फाइल अधिशासी अधिकारी कार्यालय भीनमाल भेजी गई। वहां पहुंचने पर विभाग से जानकारी मिली कि जेईएन जसवंतपुरा के पास ही 25 केवी तक लोड बढ़ाने का अधिकार क्षेत्र है। भीनमाल से फाइल की कार्रवाई पूरी कर प्रार्थी जसवंतपुरा पहुंचा और उसने यह फाइल डिस्कॉम जेईएन कार्यालय जसवंतपुरा में सौंपी। जिस पर जेईएन ने 10 हजार रुपए की मांग की। जिसके बाद 25 मार्च को 7 हजार रुपए देने पर सहमति बनी। प्रार्थी ने 28 मार्च को रुपए देने की बात कही। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने 7 हजार रुपए रिश्वत लेते आरोपी को गिरफ्तार किया।