बुधवार को दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों की स्थापना के साथ ही साल 2026 तक 48,000 ईवी चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसमें से 18,000 सरकारी और 30,000 ईवी वाहन चार्जिंग प्वाइंट अर्ध-निजी क्षेत्र के रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार अन्य राज्यों के वाहनों को प्रदूषण प्रमाण पत्र देने के लिए भी दिल्ली में नई नीति लाने की तैयारी कर रही है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण की रोकथाम वाली कैग रिपोर्ट में क्या?
मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में पेश की वायु प्रदूषण की रोकथाम वाली कैग रिपोर्ट में सीएम रेखा गुप्ता ने कई खुलासे किए थे। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि रिपोर्ट में पाया गया कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन बसों की कमी थी। दिल्ली में 9,000 बसों की जरूरत के मुकाबले केवल 6,750 बसें ही उपलब्ध थीं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बसों के ऑफ-रोड रहने, बस मार्गों की कम कवरेज और जरूरत के मुताबिक बस रूट नहीं बनने से भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है। सीएम रेखा गुप्ता ने
अरविंद केजरीवाल पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा “पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार ने सार्वजनिक परिवहन बसों की कमी के बावजूद ‘मोनोरेल और लाइट रेल ट्रांजिट’ और ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली बसों’ के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन बसों की महीने में दो बार प्रदूषण जांच भी नहीं की जा रही थी जो एनजीटी के निर्देशों के अनुसार जरूरी थी। इसी तरह 6,153 ग्रामीण सेवा वाहनों में से केवल 3476 की ही जांच हुई, वह भी अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के दौरान केवल एक बार जबकि इस अवधि के दौरान ऐसा किया जाना 4 बार जरूरी था।”
सीएम रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी को ठहराया जिम्मेदार
वायु प्रदूषण को लेकर पेश की गई कैग रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा “सीएजी रिपोर्ट में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने ‘दिल्ली प्रबंधन एवं पार्किंग स्थल नियमावली 2019’ को लागू करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। इस नियमावली के तहत दिल्ली में बेतरतीब ढंग से पार्क किए वाहनों की व्यवस्था के साथ ट्रैफिक जाम से बचने के उपाय किए जाने थे। इसके अलावा ‘आप’ सरकार ने दिल्ली में गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने में भी गड़बड़ियां मिलीं।” सीएम रेखा गुप्ता ने कैग रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि दिल्ली में साल 2015 से 2020 के बीच पलूशन सीमा को पार करने वाले लगभग 4,000 डीजल वाहन सड़कों पर दौड़ते रहे। इसके साथ ही एक लाख आठ हजार से ज्यादा वाहनों को पीयूसी प्रमाण-पत्र जारी कर दिए गए। जबकि यह वाहन तय मानक से अधिक कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन यानी प्रदूषण फैला रहे थे। बहरहाल अभी दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की सरकार की छह कैग रिपोर्ट्स पर चर्चा होनी है। कुल 14 रिपोर्ट में से आठ रिपोर्ट विधानसभा में पेश की जा चुकी हैं।