उत्तर प्रदेश में कड़ी निगरानी
उत्तर प्रदेश में वक्फ संशोधन बिल को लेकर सबसे ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। राज्य के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चौकन्ना रहने का आदेश दिया है। वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और अन्य संवेदनशील शहरों में पुलिस ने बीती रात फ्लैग मार्च निकाला, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है, और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर बिल के खिलाफ भड़काऊ पोस्ट और धमकियों की खबरों के बाद पुलिस ने अपनी साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया है। खास तौर पर कानपुर के यतीम खाने जैसे क्षेत्रों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां विरोध प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है।
बिहार में भी हाई अलर्ट
बिहार में भी वक्फ बिल के खिलाफ संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। पटना और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। राज्य में पहले ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) जैसे संगठनों ने बिल के खिलाफ बड़े प्रदर्शन किए हैं, जिसमें विपक्षी नेता जैसे तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव भी शामिल हुए थे। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी है। महाराष्ट्र में ड्रोन और सीसीटीवी से नजर
महाराष्ट्र में भी वक्फ बिल को लेकर तनाव की आशंका के बीच पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। मुंबई पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी शुरू कर दी है, जबकि ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। बीती रात मुंबई के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला गया, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा हो और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया जा सके। राज्य में पहले से ही इस बिल के खिलाफ मुस्लिम संगठनों की ओर से विरोध के स्वर उठ रहे हैं, जिसके चलते पुलिस कोई ढील नहीं बरतना चाहती।
देशभर में पुलिस की तैयारी
उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, और अन्य राज्यों में भी पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली में जंतर मंतर जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां पहले भी इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन हो चुके हैं। कई राज्यों में पुलिस ने सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं, ताकि अफवाहों और भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोका जा सके। यह कदम इसलिए भी उठाया गया है, क्योंकि AIMPLB और अन्य संगठनों ने बिल के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की घोषणा की है।