Theft In Roadways Bus Case: रोडवेज बस में आधा घंटे का सफर मुम्बई रह रहे मूण्डवा के एक परिवार को काफी महंगा पड़ा। बैग में रखे करीब आठ लाख की कीमत के गहने के साथ लिफाफे में रखे पांच सौ रुपए तक को भी चोरों ने नहीं छोड़ा। खास बात यह कि बैग में किसी तरह की कोई चीरा-फाड़ी भी नहीं हुई।
वाकया 24 फरवरी का है। मुम्बई में प्लास्टिक रिसाइकलिंग का काम करने वाले मुरलीधर प्रजापत पत्नी रामकंवरी, साथ में भाई जुगलकिशोर की पत्नी बेबी के साथ मुम्बई से 23 फरवरी को जोधपुर पहुंचा। यहां अपनी बेटी के यहां रहने के बाद 24 फरवरी की सुबह निजी बस से नागौर पहुंचा। यहां से मूण्डवा जाने के लिए रोडवेज डिपो से बस पकड़ी।
आगे की सीट पर मुरलीधर व राम कंवरी बैठ गए तो साइड में दो की सीट पर बेबी। बेबी के पास एक बैग था, जिसमें सोने के आभूषण थे। पहले यह बैग सीट पर था, जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी कण्डक्टर व अन्य सवारियों के कहने से यह बस साइड में ऊपर रख दिया। वे आधा-पौन घंटे में मूण्डवा अपने घर पहुंचे। शाम करीब चार बजे बेबी ने अपना बैग संभाला तो उसमें रखे बारह-तेरह तोला सोने के जेवरात गायब मिले। इसके साथ पांच सौ का एक नोट भी गायब था, जबकि लिफाफा ज्यों का त्यों मिला। बेबी ने यह बात मुरलीधर को बताई तो वे हैरान रह गए।
मुरलीधर ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि मुम्बई से जोधपुर तक तो बैग में ताला था, जोधपुर में यह ताला हटा दिया गया। नागौर से रोडवेज बस में बैठे तो भीड़ बढ़ती गई। बार-बार लोगों के साथ कण्डक्टर के कहने पर इसे ऊपर रख दिया। मूण्डवा में जेवरात गायब मिले। मुरलीधर ने बताया कि वे अपने भाई जुगलकिशोर व परिवार के साथ मुम्बई रहते हैं। मूण्डवा में उनका मकान है। इस संबंध में गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज करवाई जाएगी।