वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान भावुक हुए दोनों
बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी के दौरान मुस्कान और साहिल ने एक-दूसरे को 14 दिनों के बाद देखा। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई लेकिन उनकी आंखों में उमड़ते भाव साफ झलक रहे थे। यह पहला मौका था जब हत्या के बाद दोनों को एक-दूसरे को देखने का अवसर मिला था।
अलग-अलग बैरकों में बंद हैं आरोपी
मेरठ जिला जेल प्रशासन ने दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा है। जेल नियमों के तहत प्रेमी जोड़े को एक साथ रखने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, दोनों ने एक ही बैरक में रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा और नियमों के मद्देनजर प्रशासन ने इसे अस्वीकार कर दिया। जेल में सीख रहे हैं नए हुनर
जेल में रहते हुए मुस्कान और साहिल को अपनी रुचि के अनुसार कार्य करने की अनुमति दी गई है। एक तरफ मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई सीखने की इच्छा जताई है तो दूसरी ओर साहिल ने खेती-किसानी में रुचि दिखाई है। जेल प्रशासन ने उनकी मांगों को मंजूरी दे दी है ताकि वे अपने समय का सदुपयोग कर सकें और उनके व्यवहार का मूल्यांकन किया जा सके।
सरकारी वकील की सहायता मिलेगी
अदालत ने मुस्कान और साहिल की सरकारी वकील की मांग स्वीकार कर ली है। मेरठ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उदयवीर सिंह के अनुसार, अदालत ने रेखा जैन को उनका वकील नियुक्त किया है, जो उनकी ओर से न्यायालय में पैरवी करेंगी। सौरभ हत्याकांड: एक झलक
ब्रह्मपुरी के इंदिरा नगर में 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या उसकी पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल ने मिलकर की थी। इस हत्याकांड में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई थीं:
- सौरभ का सिर धड़ से अलग कर दिया गया था।
- उसके दोनों हाथ कलाई से काट दिए गए थे।
- शरीर को कई हिस्सों में काटकर ठिकाने लगाने की योजना थी।
हालांकि, उनकी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद 4 मार्च की दोपहर को शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में भरकर उस पर सीमेंट का घोल डालकर जमा दिया गया। पुलिस ने 19 मार्च को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बुधवार को न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई, जहां सीजेएम कोर्ट ने उनकी न्यायिक अभिरक्षा 14 दिन और बढ़ा दी। अब दोनों को 15 अप्रैल तक जेल में ही रहना होगा, जब इस मामले की अगली सुनवाई होगी।