धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के आदेश
डीजीपी ने प्रदेशभर के सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार पर कड़े नियंत्रण के साथ-साथ एंटी-सबोटाज चेकिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही, महिला और पुरुष दोनों पुलिसकर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाई जाए।
जुलूस और शोभा यात्राओं के दौरान सुरक्षा के लिए निर्देश
जुलूस और शोभा यात्राओं के दौरान सुरक्षा के लिए “बॉक्स फॉर्मेशन” में पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरों से निगरानी
इसके अलावा, सुरक्षा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरों के इस्तेमाल को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की छोटी से छोटी सूचना को नजरअंदाज न किया जाए और समय रहते उस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
चैत्र रामनवमी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश में चैत्र रामनवमी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और सुरक्षा तैयारियों को समय से पूरा करने को कहा है। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीपी ने मंदिरों, मेलों, शोभा यात्राओं और जुलूस मार्गों समेत सभी संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने और वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर डॉग स्क्वॉड, बम डिस्पोजल यूनिट, फिस्किंग और चेकिंग की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा है।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना लागू की जाएगी। इसके अलावा, सभी जिलों में ‘पोस्टर पार्टी’ और ‘मॉर्निंग चेकिंग टीम’ को सक्रिय किया गया है, जो हर सुबह नियमित गश्त और निगरानी करेंगी।