पूरी घटना छैगांवमाखन के कोंडावत गांव की है। गुरुवार की शाम गणगौर विसर्जन के लिए यह लोग कुएं की सफाई करने के लिए उतरे थे। जिसमें बड़ी मात्रा में मलबा जमा हुआ था। इसी गाद के नीचे लोग समा गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग कुएं में उतरे थे, लेकिन अभी तक बाहर नहीं आ पाए है। घटना की जानकारी मिलते ही SDERF की 15 सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरु कर दिया था। एक टीम रस्सी और जाली लेकर कुएं में उतरी है। कुएं में सभी लोगों का शव निकाल लिया गया है। सबसे पहले कुएं के अंदर अर्जुन गया था। उसका ही शव सबसे अंतिम में निकाला गया है।
कुएं में ये लोग उतरे थे़
राकेश, वासुदेव, गजानंद, अर्जुन, अजय, शरण, मोहन और अनिल कुएं में उतरे थे। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि कुएं की सफाई के लिए 8 लोग नीचे गए थे। कुएं के किनारे से एक नाली निकलती है। जिससे नाली के जरिए गंदा पानी कुएं में जाता है। इसी वजह से कुआं दलदल में तब्दील हो गया था। इसी की सफाई करने के लिए ग्रामीण कुएं में उतरे थे। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जहरीली गैस के कारण इन लोगों दम घुटने लगा। इसी वजह से इनकी मौत हो गई।