Rajasthan Politics: राजस्थान में निवेश और रोजगार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान को लेकर कहा कि जितना प्रचार किया गया, उतना निवेश नहीं आया। गहलोत बुधवार को युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित मेगा जॉब फेयर में पहुंचे थे, जहां उन्होंने भाजपा सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ के एमओयू साइन करने के दावे किए थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि निवेशक फोन नहीं उठा रहे।
गहलोत बोले- मैंने पहले ही जताई थी आशंका
झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार ने विदेशों में दौरे कर खूब प्रचार किया, लेकिन निवेश की असलियत अब सामने आ रही है। अगर 33 लाख करोड़ के एमओयू में से सिर्फ 10-12 हजार करोड़ भी आ जाएं, तो भी हम स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल अमीर दोस्तों का भला कर रही है, जबकि युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है।
गहलोत ने युवा कांग्रेस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार मेले गली-गली में लगने चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरियां मिलें। इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन वे पूरे नहीं हुए। उन्होंने रोजगार मेले की सफलता पर कहा कि यह दिखाता है कि सही योजना और प्रयास किए जाएं तो युवाओं को नौकरियां दी जा सकती हैं।
इस जॉब फेयर में 186 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख कंपनियों में अमेजन, फ्लिपकार्ट, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई लाइफ, महिंद्रा, जस्ट डायल, पीवीआर, एमआरएफ, जेसीबी जैसी बड़ी कंपनियां शामिल रहीं।
2000 युवाओं को मिली नौकरी
आयोजकों के मुताबिक, पहले चरण में 2000 युवाओं को रोजगार दिया गया। रोजगार मेले में 10वीं, 12वीं और स्नातक पास युवाओं के लिए अलग-अलग नौकरियों के विकल्प थे। वहीं, मौके पर ही रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू और सिलेक्शन प्रक्रिया पूरी हुई। इस दौरान चयनित उम्मीदवारों को तुरंत जॉइनिंग लेटर दिए गए।