जिसकी वजह से अब यह कुछ कुछ जगहों पर धंस गई है, लेकिन अभी भी इसका बहुत बड़ा हिस्सा पूर्व की तरह ही है। जमीन के भीतर लगभग पांच सौ मीटर की लंबी सुरंग के भीतर आराम से चला जा सकता है। जंगल के बीच यह सुरंग न तो जमीन से नजर आती है न ही आसमान से। बताया जा रहा है कि इस सुरंग का इस्तेमाल नक्सली अपने बड़े लीडरों को छिपाने और हथियार तैयार करने में करते थे।
2026 तक माओवाद का खात्मा
CG News: बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से माओवाद का खात्मा कर दिया जाएगा। 2024 से अब तक जिस तरह से माओवादियों को नुकसान पहुंचा है, उससे अब लगने लगा है कि संगठन बैकफुट पर है। इस बीच जवानों ने अबूझमाड़ के जंगलों में माओवादियों के एक सुरक्षित ठिकाने का खुलासा किया है।
माओवादियों की 500 मीटर लंबी सुरंग तक पहुंची
माओवादियों द्वारा बनाये गए इस सुरंग को देखकर हर कोई हतप्रभ रह गया था कि कैसे अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाके में माओवादियों ने इतनी बड़ी सुरंग का निर्माण कर लिया। बीजापुर के
भैरमगढ़ से इंद्रावती नदी पार कर जब आप अबूझमाड़ में प्रवेश करेंगे। इसके बाद पतली पगडंडियों से होते हुए जब घने जंगलों में प्रवेश करेंगे तो जंगलों के बीच ये सुरंग मिलेगी।