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हुबली

कुछ कर गुजरने का जज्बा है मूक बधिर बच्चों में, किसी सधे हुए कलाकार की तरह दी नृत्य की प्रस्तुति

वे भले ही बोल नहीं पाते हैं लेकिन उनमें अपनी कला के दम पर पूरी दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने का साहस है। मूक बधिर होने के बाद भी उनमें उत्साह की कोई कमी नहीं। वे एक आम व्यक्ति की तरह भाव भंगिमाओं से अपनी बात सभी को बताते हैं। खेलों से लेकर विभिन्न कलाओं में इन बच्चों को महारत हासिल है। बच्चों ने जब भाव भंगिमाओं में ही नृत्य की प्रस्तुति दी तो उनमें गजब का उत्साह था। वे किसी सधे हुए कलाकर की तरह नृत्य की भाव भंगिमाएं प्रदर्शित कर रहे थे। अवसर था राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के 20 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का।

हुबलीMar 27, 2025 / 07:02 pm

ASHOK SINGH RAJPUROHIT

राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली संस्करण के बीसवें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मूक बधिर बच्चों ने दिखाया टैलेन्ट।

राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली संस्करण के बीसवें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में मूक बधिर बच्चों ने दिखाया टैलेन्ट।

उपहार पाकर खुशी से झूमे
राजस्थान पत्रिका के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मूक-बधिर बच्चों ने नृत्य समेत अन्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। हुब्बल्ली के आनन्दनगर रोड स्थित प्रियदर्शिनी मूक बधिर आवासीय विद्यालय में आयोजित इन स्पर्धाओं में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इन प्रतियोगिताओं में जब मूक बधिर बच्चों ने हिस्सा लिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न था। इन बच्चों ने यह मौन संदेश दे दिया कि भले ही वे बोल नहीं पाते, लेकिन आगे बढऩे का जज्बा किसी से कम नहीं है। नृत्य, मिमिक्री समेत अन्य स्पर्धाओं में खासा जोश एवं उत्साह दिखा। बच्चे उपहार पाकर खुशी से झूम उठे।
प्रोत्साहन मिले तो आगे बढऩे से कोई रोक नहीं सकता
समारोह के अतिथि सीरवी समाज महासभा के हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र के प्रतिनिधि बाबूलाल सीरवी काराड़ी ने कहा कि मूक-बधिर बच्चों में भी टैलेन्ट की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल इस टैलेन्ट को बाहर लाने की है। ऐसे बच्चों को यदि प्रोत्साहन दिया जाएं तो निश्चित ही इन्हें आगे बढऩे से कोई रोक नहीं सकता है। समारोह के अतिथि सीरवी समाज हुब्बल्ली के अध्यक्ष लक्ष्मणराम सीरवी ने भरोसा दिलाया कि ऐसेे बच्चों के सहयोग के लिए जब भी जरूरत होगी प्रवासी समाज सदैव आगे रहेगा। इस अवसर पर प्रवीण सीरवी एवं सूरज सीरवी भी उपस्थित थे। प्रारम्भ में राजस्थान पत्रिका हुब्बल्ली के संपादकीय प्रभारी अशोक सिंह राजपुरोहित ने राजस्थान पत्रिका के स्थापना दिवस एवं सामाजिक सरोकार के बारे में जानकारी दी। प्रियदर्शिनी मूक-बधिर आवासीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका गिरिजा नायक ने मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा के बारे में जानकारी दी।
नृत्य, मिमिक्री समेत अन्य प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
इस अवसर पर नृत्य, मिमिक्री समेत अन्य प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता के छात्र वर्ग में शंकर कोलिवाड़, अनिल बेटागेरी, संजीव सावकर, महन्तेश होंगल, हेम रेड्डी, श्रीनिवास, बसवराज, इरण्णा, नसीर अहमद, प्रज्जवल, तरूण, श्रीगणेश ने नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके साथ ही छात्रा वर्ग में रेणुका कटिकार, नीलिमा, लक्ष्मी, भीमवा, श्रीनिधि, निहारिका, श्रुति एवं सुधा की नृत्य की प्रस्तुति सराहनीय रही। नसीर अहमद ने मिमिक्री पेश की। अतिथियों की ओर से सभी प्रतिभागियों को उपहार एवं मिष्ठान का वितरण किया गया।

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