हालांकि एक महीने बाद शेष बकायादारों से 6 प्रतिशत अधिभार वसूला जाएगा। साथ ही नल कनेक्शन काटने, दुकान सील करने, जरूरत पड़ने पर नियमानुसार दुकान की कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है।
संपत्तिकर वसूली में हुआ इजाफा
निगम की सती के बाद बडे़ संपत्तिकरदाता पहली बार राजस्व जमा करने के लिए सामने आए हैं। मार्च महीने में प्रतिदिन करीब 7 लाख रूपए का राजस्व जमा हुआ है। निगम से मिली जानकारी अनुसार 21 मार्च को 6 लाख 58 हजार 977, चेक से 2 लाख 26 हजार 305 और ऑनलाइन से 40 हजार 875 रूपए की वसूली हुई है। 24 मार्च को चेक से 1 लाख 19 हजार 519, ऑनलाइन से 244365, नगद 11 लाख 78 हजार 711 रूपए, 25 मार्च को चेक से 1 लाख 60 हजार 482, ऑनलाइन से 66834, नगद 5 लाख 60 हजार 465, 26 मार्च को ऑनलाइन से 1 लाख 17 हजार 790, चेक से 80 हजार 90, 7 लाख 8605 नगद और 27 मार्च को चेक से 12 लाख 69 हजार 403, ऑनलाइन 2 लाख 83 हजार 152 और 8 लाख 54 हजार 183 रूपए की राशि वसूली हुई है। इसी तरह 29 मार्च को ऑनलाइन से 1 लाख 39 हजार 23 रूपए, चेक से 60848 और नगद राशि के रूप में 5 लाख 31 हजार 714, 30 मार्च को ऑनलाइन से 63 हजार 379 रूपए, नगद 6 लाख 88 हजार 490 और 31 मार्च को नगद और ऑनलाइन के माध्यम से राजस्व मिला है। इस तरह पिछले 11 दिनों में 1 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इसलिए बढ़ी राजस्व वसूली की तिथि
नगरीय निकायों में संपत्तिकर तथा विवरणी जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित थी। वित्तीय वर्ष-2024-25 में लोकसभा निर्वाचन कार्य, निकायों का परिसीमन कार्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य तथा स्थानीय निकायों का निर्वाचन होने से आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहा। छग शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अवर सचिव आनंद कुमार पटेल ने विशेष छूट प्रदान करते हुए राजस्व जमा करने की तिथि को 30 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी है। वित्तीय वर्ष समाप्ति के पहले शत-प्रतिशत
टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा गया था। टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित थी। शासन ने इसकी तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दी है। शेष बकायादारों से टैक्स जमा करने की अपील कर रहे हैं। पीसी सार्वा, उपायुक्त नगर निगम