ये गांव दौसा नगर परिषद क्षेत्र में शामिल
सरकार ने अब दौसा नगर परिषद क्षेत्र में ग्राम पंचायत गणेशपुरा का राजस्व ग्राम गणेशपुरा का सपूर्ण सीमा क्षेत्र, ग्राम पंचायत महेश्वरा खुर्द का राजस्व ग्राम महेश्वरा खुर्द और बाढ दौसा, ग्राम पंचायत सूरजपुरा का राजस्व ग्राम ढगलाव और नामोलाव, ग्राम पंचायत सिंगवाडा का राजस्व ग्राम दलेलपुरा, ग्राम पंचायत हरिपुरा का राजस्व ग्राम मोडापट्टी और हरिपुरा, ग्राम पंचायत चावंडेडा का राजस्व ग्राम रूगली, रायपुरा, ग्राम पंचायत जीरोता खुर्द का राजस्व ग्राम जीरोता कलां और ग्राम पंचायत खान भांकरी का राजस्व ग्राम भांकरोटा व भांकरी को शामिल किया गया है। हालांकि शहर के समीप कई गांवों को शामिल नहीं करने से राजनीतिक चर्चाओं का दौर चल पड़ा है।फैसले से फायदा
-गांवों में राजनीति के हिसाब से विकास कार्य में आने वाले पेच दूर हो सकेंगे।-शहर की आबादी के हिसाब से घोषित होने वाली योजनाओं व बजट से शहरी क्षेत्र में शामिल होने वाली गांव-ढाणियों के लोगों को फायदा मिल सकेगा।
-ग्राम पंचायतों के शहरी सीमा में आने पर रियल एस्टेट को और ज्यादा बूम मिलने की संभावना मिल सकेगी।
ये नुकसान संभव
-मनरेगा जैसी योजनाएं बंद होने से गांव के लोगों को शहरी रोजगार गांरटी योजना में कम विकल्प मिलने से नुकसान।-ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु जैसे छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों के लिए शहरी सीमा में चक्कर लगाने पड़ेंगे।-शहरी क्षेत्र के बजट के मुकाबले ग्राम पंचायतों का बजट काफी ज्यादा, ग्रामीण विकास की योजनाएं बंद हो जाएंगी।