केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कानन जू में फिलहाल तीन सफेद बाघ हैं, लेकिन इनमें से एक उम्रदराज हो चुका है और बाकी सभी एक ही परिवार के हैं। इसलिए नस्ल सुधार और भविष्य में प्रजनन की संभावना के लिए नए सफेद बाघ की जरूरत महसूस हो रही थी। ग्वालियर से लाया जाने वाला सफेद
बाघ केवल एक साल का है और उसे जू में डिस्प्ले के लिए रखा जाएगा, ताकि पर्यटक इसका दीदार कर सकें।
हालांकि, अभी प्रजनन की योजना नहीं है। इस अदला-बदली के बाद कानन जू में भालुओं की संख्या घटकर आठ रह जाएगी और चौसिंगा की संख्या 15 के करीब होगी। जू प्रबंधन अन्य चिड़ियाघरों के साथ भी वन्य प्राणी अदला-बदली की योजना बना रहा है।
कानन में लगती है भीड़
कानन पेंडारी शहर से महज 9 किलो मीटर की दूरी पर है। शहर के पास होने के कारण लोग छुट्टी के दिन कानन पेंडारी पिकनिक मनाने के लिए आते है। इसके अलावा हर रविवार और 15 अगस्त व 26 जनवरी 31 व 1 जनवरी को यहां पैर रखने की जगह नहीं मिलती है।
विदेशी पर्यटक भी पहुंचे थे
कानन पेंडारी जू की प्रसिद्धि विदेशों तक पहुंच गई है। कानन पेंडारी में रशियन पर्यटकों भी आ चुके हैं। रशिया के चार पर्यटक जू चार घंटे गुजरे विदेशी पर्यटकों में दो युवक, एक युवती और बुजुर्ग महिला थी। चारों बाघ, तेंदुआ, हिरण और मछली के अलावा सांपों को देखा हाथी के बच्चे के साथ फोटो खींचवाए। इससे पहले भी विदेश से अनेक पर्यटक आ चुके हैं।