सरकार इस काम में जो मदद कर सकती है, वे सभी मदद पहुंचाई जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि जीआइएस की सफलता को लेकर सीएम का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि भोपाल की प्राकृतिक संपदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। भोपाल को एक सुंदर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे।
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‘4 घंटे से तमाशा चल रहा, CM मोहन यादव को बताऊंगा… हाईकोर्ट में बोला वकील भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है।