यह है कारण गर्मियां आते ही बाजार में नींबू की डिमांड बढ़ती है। जिले में नींबू का उत्पादन कम होने होने के कारण बाहर से नींबू मंगवाया जाता है। हालांकि कई किसान नींबू के पौधे लगाते हैं लेकिन इस खेती को फिलहाल व्यवसायिक रूप नहीं मिल पाया है। इससे इसकी आवक नाम मात्र की होती है। यही कारण है कि गर्मियों में डिमांड के हिसाब से सप्लाई नहीं हो पाता है। इससे भीलवाड़ा में भावों में तेजी आई है।
पूर्ति नहीं हो रही है… भीलवाड़ा में नींबू की खेती का क्षेत्र कम होने से कारण मांग के अनुसार पूर्ति नहीं हो पाती। यही कारण है कि नींबू की आवक कम है और भावों में लगातार तेजी आ रही है। मंडी में इस समय नींबू खुदरा में 160 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए है। इसके भाव और बढ़ने के आसार हैं।
– दिनेश कुमार, सब्जी विक्रेता