पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों के 66 लोगों के खिलाफ बलवा की एफआईआर दर्ज की। बुधवार को तीन बलवाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि शेष की तलाश जारी है।
गांव में सन्नाटा, केवल महिलाएं और बच्चे घरों में
गिरफ्तारी के बाद गांव के अधिकतर पुरुष फरार हो गए हैं, जिससे पूरा गांव वीरान नजर आ रहा है। घरों में केवल महिलाएं और बच्चे ही बचे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि बाकी बलवाई को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पिछले साल की घटना बनी झगड़े की जड़
पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष गांव की एक युवती को यादव पक्ष के एक युवक ने अपने साथ ले गया था। इस पर युवती के परिजनों ने इज्जतनगर थाने में मामला दर्ज कराया। जब पुलिस ने युवती को बरामद किया, तो उसने अपने बयान में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से गई थी। इसके बाद मामला शांत हो गया, लेकिन दोनों पक्षों के बीच रंजिश बनी रही। पहले भी इस विवाद को लेकर कई बार झड़प हो चुकी है।
भ्रामक सूचनाओं पर होगी कार्रवाई
मुड़िया चावड़ में हुए उपद्रव के बाद इंटरनेट मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट वायरल हो रही हैं। कुछ लोगों ने गोलीबारी और मृत्यु की झूठी अफवाहें फैलाईं। हालांकि, पुलिस ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
फायरिंग के दावे, लेकिन एफआईआर में उल्लेख नहीं
घटना के बाद लड़की पक्ष ने फायरिंग के आरोप लगाए और मौके से कुछ कारतूस के खोखे भी बरामद हुए। हालांकि, इस संबंध में लड़की पक्ष की ओर से दर्ज एफआईआर में फायरिंग का कोई जिक्र नहीं किया गया। पुलिस द्वारा दर्ज रिपोर्ट में भी गोलीबारी की बात शामिल नहीं की गई।
तीन गिरफ्तार, बाकी 63 की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से अनिल, मुजाहिद और इरशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इज्जतनगर इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह के अनुसार, अभी भी 63 लोग फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने 50 अज्ञात लोगों को भी बलवाई बनाया है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारी होने की संभावना है।