फरीदपुर के रहने वाले टंडन बाबू ने शिकायत की थी कि उनकी मां स्वर्गीय श्रीमती कलावती की मृत्यु के बाद गांव गजनेरा, चक संख्या 128 की कृषि भूमि को उनके और उनके भाइयों के नाम वारिसान के रूप में दर्ज कराने के एवज में चकबंदी लेखपाल महावीर सिंह और सहायक चकबंदी अधिकारी भूरे सिंह ने उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
ट्रैप ऑपरेशन में रंगे हाथ पकड़ा गया लेखपाल
4 अप्रैल 2025 को दोपहर 11:11 बजे, एंटी करप्शन की ट्रैप टीम प्रभारी बब्बन खान और उनकी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए महावीर सिंह पुत्र स्व. श्यामलाल, निवासी ग्राम जसरथपुर, थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद (वर्तमान पता – गली नं. 01, चंद्रबटी वैन्केट हॉल के सामने, थाना सुभाष नगर, बरेली) को सदर स्थित सहायक चकबंदी अधिकारी तृतीय कार्यालय गेट के पास रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
मृतक महिला की कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में मांगी गई रिश्वत
इस मामले में आरोपी लेखपाल महावीर सिंह के साथ-साथ सहायक चकबंदी अधिकारी भूरे सिंह को भी नामजद किया गया है। दोनों ने मृतक कलावती की मृत्यु के बाद उनकी जमीन के नामांतरण के लिये रुपये मांगे थे। इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से की गई। जिस पर एंटीकरप्शन सीओ के निर्देश पर एक ट्रैप टीम गठित की गई। कोतवाली बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही की जा रही है।