सतपुड़ा से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाए गए बायसनों की निगरानी करेगी डॉक्टरों की टीम
बायसन प्रोजेक्ट: बाड़े में छोडे गए 12 गौर


बायसन प्रोजेक्ट: बाड़े में छोडे गए 12 गौर
बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के साथ अब गौर भी पर्यटकों को दिखाई देंगे। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बायसन प्रोजेक्ट 2 के तहत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से गौर लाए जा रहे हैं। अभी तक 12 गौर आए हैं। बायसन लाए जा रहे हैं।
उपसंचालक पीके वर्मा ने बताया कि 20 से 27 फरवरी तक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 25 से 30 गौर आने हैं। गौर को लाने के लिए टीम तैनात हैं। निगरानी के लिए डाक्टर भी ट्रक के साथ चलते हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कल्लवाह परिक्षेत्र में 20 हेक्टेयर का बाडा बनाया गया है। सतपुड़ा से आए गौरों को एक सप्ताह के लिए 2 हेक्टेयर बाडा में रखा जाएगा। एक सप्ताह के बाद बड़े बाड़े में छोड दिया जाएगा। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में गौर को ट्रेंकुलाइज किया जा रहा है। ट्रेंकुलाइज करने के लिए लगभग 100 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों के साथ डॉक्टर की टीम भी लगी हुई है।
ट्रेंकुलाइज करने के लिए गौर को मैदान में लाया जाता है। ट्रेंकुलाइज करने के बाद एक ट्रक में तीन या चार गौरों को लोड किया जाता है। उसके बाद डॉक्टरों की टीम गौर को लेकर बांधवगढ़ के लिए रवाना होती है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की कल्लवाह परिक्षेत्र में गौर को आने के लिए लगभग 18 घंटे का सफर तय करना पड़ता है। सफर में डॉक्टरों की टीम और एक एसडीओ और एक रेंजर भी साथ में रहते हैं।
Hindi News / Umaria / सतपुड़ा से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाए गए बायसनों की निगरानी करेगी डॉक्टरों की टीम