डॉ. शोएब जमई ने आगे कहा “उनको मालूम होना चाहिए कि यह
संभल या
मेरठ नहीं, दिल्ली है, हां सबकी दिल्ली। यहां ईद की नमाज भी होगी और अगर मस्जिद में जगह कम पड़ जाए तो सड़क पर भी होगी। ईदगाहों और अपने घर की छत पर भी होगी। कावड़ यात्रा के दौरान मुख्य सड़क को कई घंटे के लिए बंद किया जा सकता है तो नमाज के दौरान 15 मिनट के लिए भी किया जा सकता है। व्यवस्था करने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है।”
आईएएनएस के अनुसार, एक वीडियो संदेश में शोएब जमई ने कहा कि दिल्ली
भाजपा के नेताओं की आदत हो गई है कि वे मुसलमानों के खिलाफ अनाप-शनाप बयान देते हैं। दिल्ली में कहा जा रहा है कि दुकानों को बंद कर दिया जाए। सड़क पर नमाज नहीं होगी। मैं पूछना चाहता हूं कि सड़क पर नमाज क्यों नहीं होगी। भाजपा के नेताओं को बयान देने से पहले यह समझना चाहिए कि यह दिल्ली है, मेरठ या संभल नहीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील है कि वह अपने नेताओं को समझाएं कि मुसलमानों के प्रति गलत बयानबाजी न करें। क्योंकि, यह देश संविधान से चलेगा।
दरअसल,
उत्तर प्रदेश के संभल और मेरठ में सड़क पर नमाज अदा करने पर पाबंदी है। इसी तर्ज पर दिल्ली में भी भाजपा के कई नेताओं ने दिल्ली में सड़क पर नमाज अदा करने पर रोक लगाने की मांग की है। बीते दिनों दिल्ली की शकूर बस्ती विधानसभा सीट से भाजपा विधायक करनैल सिंह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने दिल्ली में सड़कों पर पढ़ी जा रही नमाज को रोकने की मांग की थी। उनके इस पत्र का दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने समर्थन करते हुए चैत्र नवरात्रि के दौरान लोगों से मीट की दुकानें बंद रखने का आह्वान किया था। जिसके बाद से दिल्ली की सियासत तेज हो गई है।