यह घटना मंगलवार तड़के सुबह करीब 5:30 बजे की है, जब पीड़िता फलटण स्थित अपने घर जाने के लिए स्वारगेट बस डिपो पर पहुंची थी। उसी दौरान आरोपी दत्तात्रय गाडे ने उसे बहला-फुसलाकर अंधेरे में खड़ी शिवशाही बस में ले गया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस घिनौने अपराध को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया था। उसने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी. पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी प्राप्त हुई। कई टीमों का गठन किया गया है। इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया और आखिरकार दत्तात्रय को दबोच लिया गया।
पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी शिरुर तालुका के गुनाट गांव के पास छिपा था। वह लगातार दो दिनों तक गन्ने के खेतों में छिपकर रह रहा था। पुलिस को अंदेशा था कि वह खेतों में ही छिपा हो सकता है। ड्रोन, खोजी कुत्तों के साथ 100 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में जुटे थे।
भूख-प्यास से तड़प रहा था
इस बीच, रात करीब 12 बजे भूख प्यास से व्याकुल दत्तात्रय गाडे अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचा। वहां उसने कहा कि उसे बहुत भूख लगी है, उसने कुछ खाने के लिए मांगा। लेकिन उसके रिश्तेदारों ने खाना देने के बजाय केवल पानी की बोतल दी। इस दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि उसे पछतावा है और वह पुलिस के सामने सरेंडर करना चाहता है। हालांकि, पानी की बोतल लेने के बाद वह वहां से चला गया। रिश्तेदारों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी और कुछ ही समय में आरोपी को दबोच लिया गया। जैसे ही पुलिस को दत्तात्रय के बारे में जानकारी मिली, सभी टीमों को सक्रिय कर दिया गया। करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को गन्ने के खेत में खोज निकाला गया और गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्वारगेट पुलिस को सौंपा गया है।
डीसीपी स्मार्तना पाटिल ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुणे जिले के शिरुर तहसील के एक गांव से आरोपों को पकड़ा गया है। पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे गिरफ्तार किया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
पुणे पुलिस ने दत्तात्रय गाडे की ससून अस्पताल में मेडिकल जांच कराई है। अब उसे पुणे के शिवाजीनगर कोर्ट में पेश किया जाएगा।