परिजनों को मिली दर्दनाक खबर
राकेश के पिता भूप सिंह, जो खुद एक होमगार्ड हैं, ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे उनके बड़े बेटे राजेश सिंह के पास BSF अधिकारियों का फोन आया। अफसरों ने जानकारी दी कि राकेश की मृत्यु हो गई है और प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है।
गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
BSF अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि वे राकेश के पार्थिव शरीर को लेकर स्वयं गांव पहुंचेंगे। इस खबर के बाद घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया है।
साथियों ने सुनी थी गोली चलने की आवाज
BSF के 139 बटालियन के अधिकारी के अनुसार, राकेश सिंह का शव कैंप के अंदर खून से लथपथ मिला। गोली चलने की आवाज सुनकर साथी जवान मौके पर पहुंचे तो उन्होंने राकेश को जमीन पर गिरा पाया, और पास में ही उनकी सर्विस राइफल पड़ी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ज्वाइनिंग की तारीख को ही हो गई मौत
राकेश सिंह ने 1 अप्रैल 2021 को BSF में ज्वाइनिंग की थी। उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रेनिंग पूरी की और फिर त्रिपुरा में पोस्टिंग मिली। दो साल त्रिपुरा में सेवाएं देने के बाद पिछले एक साल से वह जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। संयोग से 1 अप्रैल की रात ही उनकी मौत हो गई।
होली की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे
राकेश सिंह 16 फरवरी को 25 दिन की छुट्टी लेकर घर आए थे। 17 मार्च को वह ड्यूटी पर लौट गए। नवंबर में उनके बड़े भाई राजेश सिंह के बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन छुट्टी न मिलने के कारण वह उस समय घर नहीं आ सके थे।
शादी की तैयारियों में जुटा था परिवार
परिवार में पिता भूप सिंह, माता राजेश्वरी देवी, बड़े भाई राजेश सिंह और बहन रिंकी कुमारी हैं। राजेश और रिंकी की शादी हो चुकी थी, और अब परिवार राकेश की शादी की तैयारी कर रहा था। लेकिन बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जांच जारी, परिजनों ने मांगा न्याय
राकेश सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर परिजन गहरे सदमे में हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें मामले की संपूर्ण जांच और न्याय चाहिए। पुलिस और BSF अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन जवान की मौत की असली वजह क्या थी, यह अभी भी एक सवाल बना हुआ है।