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पीसीएस से आईएएस प्रमोशन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक व्यवस्था में आईएएस बनने के लिए वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को चयन प्रक्रिया से गुजरना होता है। इस बार दो चयन वर्षों (2008 और 2010) की रिक्तियों के आधार पर 20 अधिकारियों का प्रमोशन होना है। वर्ष 2008 बैच में 14 और 2010 बैच में 17 अधिकारी हैं, लेकिन 2009 बैच में कोई भी अधिकारी सीधे नियुक्त नहीं हुआ था। इसलिए 2010 बैच के अफसरों को भी मौका दिया गया है।डीपीसी बैठक में कौन-कौन होंगे शामिल
- डीपीसी की बैठक यूपीएससी के मुख्यालय में होगी, जिसमें प्रमुख अधिकारी शामिल होंगे:
- मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह
- राजस्व परिषद के अध्यक्ष या एपीसी
- प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज
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पदोन्नति के लिए क्या हैं मानदंड
आईएएस पद के लिए पीसीएस अधिकारियों को न्यूनतम 8 से 12 वर्षों तक अनवरत सेवा करनी होती है। पद रिक्त होने की स्थिति में इसमें छूट भी दी जा सकती है। इस बार कुल 20 रिक्तियां उपलब्ध हैं, जबकि 2008 और 2010 बैच में कुल 31 अधिकारी हैं। इस वजह से 2010 बैच के कुछ अधिकारी पदोन्नति से वंचित रह सकते हैं।रिक्त पदों की स्थिति
बैच वर्ष | कुल अधिकारी | संभावित पदोन्नति |
2008 | 14 | सभी 14 |
2010 | 17 | 6 |
आईएएस बनने से क्या होंगे फायदे
आईएएस पद पर पदोन्नति मिलने के बाद इन अधिकारियों को अधिक जिम्मेदारियां और अधिकार मिलेंगे। साथ ही, वे जिला कलेक्टर, कमिश्नर और अन्य उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्य कर सकेंगे। यह भी पढ़ें
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प्रमोशन प्रक्रिया की तैयारियां
नियुक्ति विभाग ने डीपीसी बैठक के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 2008 और 2010 बैच के पीसीएस अधिकारियों का सेवा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जिन अधिकारियों के नाम पर विचार किया जाएगा, उनके कार्य निष्पादन और सेवा रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया जाएगा।क्या है डीपीसी प्रक्रिया
- योग्य अधिकारियों की सूची तैयार करना
- रिक्त पदों के अनुसार अधिकारियों का चयन
- सेवा रिकॉर्ड और कार्यकुशलता की समीक्षा
- डीपीसी में अंतिम निर्णय और मंजूरी
- आईएएस संवर्ग में नियुक्ति प्रक्रिया
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