बिजली और पानी की व्यवस्था पर विशेष जोर
प्रमुख सचिव ने सभी जिलों में बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक बिजली कटौती से बचा जाए और विशेष रूप से बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने के लिए टैंकरों की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, इन टैंकरों की मॉनिटरिंग जीपीएस ट्रैकर डिवाइस से करने की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि किसी भी स्थान पर जल संकट न रहे।
हीटवेव से बचाव के लिए विशेष कदम
राहत आयुक्त एवं सचिव राजस्व भानु चंद्र गोस्वामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ लगाने के अभियान को तेज किया जाए। इसके अलावा, छायादार स्थलों को विकसित करने और दैनिक मजदूरों के कार्य समय में दोपहर 12 से 3 बजे के बीच शिथिलता देने की भी सलाह दी गई है।
अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक
अस्पतालों में लू से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाओं का स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर ओआरएस पैकेट की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही, विद्यालयों का समय बदलकर प्रातःकालीन सत्र में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को दोपहर की चिलचिलाती धूप से बचाया जा सके।
अग्निशमन विभाग को विशेष सतर्कता के निर्देश
गर्मी के कारण आग लगने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। राहत आयुक्त ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और वहां पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, सभी जिलों में नल-जल योजना और जल संरक्षण अभियानों को तेज करने का भी आदेश दिया गया है।
पशुओं के लिए भी विशेष प्रबंध
गर्मी के कारण मवेशियों और अन्य जानवरों को राहत देने के लिए जलाशयों, तालाबों और कुओं की सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पशुचिकित्सा केंद्रों को भी सतर्क रहने और लू से प्रभावित जानवरों के इलाज के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। सभी विभागों की संयुक्त बैठक में अहम निर्णय
इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के 500 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान राज्य सरकार ने समन्वय बनाकर कार्य करने और हीटवेव से बचाव के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
हीटवेव से बचाव के लिए जनता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- पर्याप्त पानी पिएं – दिनभर नियमित रूप से पानी पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।
- हल्के रंग के कपड़े पहनें – सूती और ढीले कपड़े पहनें, जिससे शरीर में गर्मी कम हो।
- सीधे धूप से बचें – घर से बाहर निकलने से पहले सिर को ढकें और सनस्क्रीन का उपयोग करें।
- ओआरएस और घरेलू उपाय अपनाएं – लू लगने पर ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी का सेवन करें।
- दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर न निकलें – इस समय धूप सबसे तेज होती है, इसलिए संभव हो तो घर पर ही रहें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें – ये गर्मी के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं, इसलिए इनका खास ख्याल रखें।
- पेयजल स्रोतों को स्वच्छ रखें – सार्वजनिक पेयजल स्थलों को साफ-सुथरा रखें और पानी की बर्बादी से बचें।
हीटवेव से बचाव के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम सराहनीय हैं। बिजली-पानी की पर्याप्त आपूर्ति, अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त भंडारण और सार्वजनिक स्थलों पर जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयासों से आम जनता को राहत मिलेगी। प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे हीटवेव से बचाव के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें और इस गंभीर स्थिति से सुरक्षित रहें।