गौरतलब है कि दो साल से सामान्य दिनों में गेपरनाथ शिव मंदिर में दर्शन पर प्रशासन की रोक है। एक घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश बंद कर दिया गया था। यह क्षेत्र वन विभाग के अधीन आता है।
गेपरनाथ महादेव मंदिर
राजस्थान के कोटा शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर रावतभाटा रोड पर चंबल नदी की कराइयों में स्थित गेपरनाथ महादेव मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। 500 साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर राजा भोज की पत्नी द्वारा 16वीं शताब्दी में बनवाया गया था और 1961 से पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 350 सीढ़ियां उतरनी होती हैं। इसकी सबसे अनूठी विशेषता शिवलिंग पर लगातार गिरने वाली प्राकृतिक जलधारा है, जिसे देखकर ऐसा लगता है जैसे स्वयं प्रकृति भगवान शिव का अभिषेक कर रही हो। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशेष पूजा और मेले का आयोजन होता था। लेकिन पिछले 2 सालों से इसे बंद किया हुआ था लेकिन इस साल मंदिर में दर्शनार्थियों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।