बुधवार को जशपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि, अंधविश्वास एवं दो भाईयों में आर्थिक असमानता को लेकर घरेलू ईष्या और मृतिका के द्वारा समय-समय पर उपहास उड़ाने पर आरोपी जेठ ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, और आरोपी को इसको लेकर कोई पछतावा नहीं है।
मृतिका की पत्नी और बच्चे लगातार बीमार रहते थे, व्यापार में भी सफल नहीं होने और अपने परिवार की परेशानी से वह काफी दिनों से परेशान था। उसे इस बात का अंधविश्वास था कि उसकी परेशानियों और परिवार की ला-इलाज बीमारी के पीछे उसके छोटे भाई की पत्नी के द्वारा
जादू-टोना करना है।
Sarpanch Murder Update: पहले भी की थी कोशिश
एसएसपी ने बताया कि, इसी बात को लेकर आरोपी मृतिका से भारी रंजिश रखता था और उसे मारने के फिराक में था। आरोपी पुस्तम सिंह सिदार और उसकी बहु से पुराना विवाद चल रहा था, आरोपी को इस बात का अंधविश्वास था कि मृतिका के जादू-टोना से उसके परिवार के सदस्यों की तबियत हमेशा खराब रहती थी। साथ ही मृतिका हमेशा उसके परिवार का हमेशा मजाक उड़ाती थी।
पत्नी के लगातार बीमार रहने से उसे घर के सारे काम भी करने पड़ते थे और उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी, इन्हीं कारणों से कुछ दिन पूर्व वह परेशान होकर
आत्महत्या करने की कोशिश किया था एवं पत्नी एवं 3 पुत्रियों को जहर देकर मारने की सोचा था और इसके लिए जहर तक खरीदकर ले आया था।
अकेला पाकर घटना को दिया अंजाम
एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह द्वारा उक्त अंधे कत्ल के आरोपी की पतासाजी हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर अनिल सोनी एवं एसडीओपी पत्थलगांव ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में टीम गठित कर पतासाजी हेतु रवाना किया गया। टीम में सायबर सेल, डॉग स्कवायड एवं फारेंसिक एक्सपर्ट को भी सम्मिलित किया गया। पुलिस टीम को घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद ही आभाष हो गया कि इस घटना में बाहर का व्यक्ति सम्मिलित नहीं है, क्योंकि घर के एक ही आंगन में उसकी जेठानी रहती है। उस दौरान हुई हत्या में बीच-बचाव करने जरूर आई होती। बाहर के व्यक्ति अगर घटना में सम्मिलित होता तो उसे कोई न कोई घर में प्रवेश करते हुए जरूर देखा होता। पुलिस द्वारा शक का दायरा परिवार वालों के ऊपर ही केन्द्रित कर जेठानी से कड़ाई से पूछताछ और आरोपी पुस्तम सिंह सिदार को अभिरक्षा में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टांगी को जप्त करते हुए उसे 2 अप्रेल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
महिला सरपंच की
हत्या करने के आरोपी को पुलिस टीम द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से जांच कर 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम के अतिशीघ्र मामले का खुलासा करने पर उन्हें नगद ईनाम से पुरष्कृत किया गया है।
– शशि मोहन सिंह, एसपी जशपुर