यह है हकीकत
रामदेवरा में सालभर में 50-60 लाख श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सार्वजनिक परिवहन की दुर्दशा का आलम यह है कि पूरे वर्ष रोडवेज की केवल एक बस चलती है। भादवा मेले में लाखों रुपए का राजस्व कमाने वाला राजस्थान रोडवेज शेष 11 महीने यात्रियों की सुविधा को लेकर उदासीन रहता है। ग्राम पंचायत ने यात्रियों की सुविधा के लिए दो बस स्टैंड भवन बनाए हैं, लेकिन उनके बावजूद रोडवेज प्रशासन यहां बसें शुरू करने को तैयार नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा ठप
रामदेवरा के आसपास के विरमदेवरा, मावा, एका, लोहरकी, छायण जैसे गांवों में रोडवेज बसों की सुविधा नहीं पहुंची है। इस कारण ग्रामीण पूरी तरह निजी बसों पर निर्भर हैं। कई बार यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, और कोई विकल्प न होने के कारण उन्हें महंगा किराया चुकाकर यात्रा करनी पड़ती है।
सडक़ों की बदहाली से बढ़ी परेशानी
रामदेवरा से नाचना, लोहरकी, छायण, एका, पोकरण और सिहड़ा जाने वाली डामर सडक़ें जर्जर हालत में हैं। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। खराब सडक़ों की वजह से रोडवेज की बसें भी यहां नहीं चलाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। फैक्ट फाइल
-60 लाख के करीब श्रद्धालु साल भर में आते हैं
- 5 किमी क्षेत्र में फैला है रामदेवरा
- 70 किमी के ग्रामीण क्षेत्र में कोई रोडवेज बस नहीं।
ग्राम पंचायत का रुख सख्त
ग्राम पंचायत सरपंच समंदर सिंह तंवर का कहना है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लाखों रुपये खर्च कर बस स्टैंड का निर्माण करवाया गया, लेकिन इसके बावजूद रोडवेज प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि जल्द ही रामदेवरा में नियमित बस सेवा शुरू नहीं हुई तो ग्राम पंचायत भादवा मेले में रोडवेज को बस स्टैंड किराए पर नहीं देगी।