सरकारी टीचर ने जालोर की इस युवती को भी बनाया था प्राध्यापक, डमी अभ्यर्थी बनकर दी थी परीक्षा, पहले ही SI भर्ती मामले में जेल में है बंद
Another Case On Varsha Bishnoi: राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से आयोजित प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर जालोर के पुनासा निवासी पालु कुमारी प्राध्यापक बनी है।
मुकेश शर्मा SI Paper Leak Case: प्रतियोगी परीक्षाओं में महिला अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाली लेक्चरर वर्षा बिश्नोई के खिलाफ एसओजी में बुधवार को एक और मामला दर्ज हुआ है। दो महिला थानेदारों की जगह परीक्षा देकर उनका एसआइ भर्ती परीक्षा में चयन कराने के मामले में आरोपी वर्षा जेल में बंद है। एसओजी को शिकायत मिली थी कि राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से आयोजित प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2018 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर जालोर के पुनासा निवासी पालु कुमारी प्राध्यापक बनी है।
एटीएस-एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि जांच में आवेदन के समय दिए दस्तावेज, प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र, विस्तृत विवरण पत्र की जांच रिकॉर्ड प्राप्त कर देखा। इसमें आवेदनकर्ता पालु कुमारी और परीक्षा देने वाले के हस्ताक्षर अलग-अलग थे और फोटो भी नहीं मिली। परीक्षा देने वाली डमी अभ्यर्थी की फोटो देखते ही पता चल गया कि वर्षा बिश्नोई ने परीक्षा दी थी। फोटो से उसकी पहचान हो गई। अब मामले में अनुसंधान किया जा रहा है और पालु को भी एसओजी तलाश रही है।
एसओजी में आरोपी वर्षा के खिलाफ डमी अभ्यर्थी बनने का एक और मामला दर्ज किया गया है। इसमें मूल अभ्यर्थी पालु कुमारी को भी आरोपी बनाया गया है। अनुसंधान में सामने आया कि वर्षा नौकरी में आने से पहले भी डमी अभ्यर्थी बनने के मामले में पकड़ी गई थी, लेकिन उसने बाद में पता बदलकर पुलिस सत्यापन करवा लिया था।
वी.के. सिंह, डीजी, एटीएस-एसओजी राजस्थान
दो बहनों के लिए दी परीक्षा, दोनों बनीं थानेदार
एसआइ भर्ती परीक्षा-2021 में एसआइ जगदीश सिहाग ने 15-15 लाख रुपए देकर बहन इंदुबाला और भगवती की जगह लेक्चरर वर्षा को डमी अभ्यर्थी बनाकर बैठाया था। इससे दोनों बहनों का थानेदार में चयन हो गया था। आरोपी वर्षा ने खुद भी एसआई की परीक्षा दी थी। इसमें वह पास हो गई थी, लेकिन उसने ज्वाइन नहीं किया था। वर्षा ने इंदुबाला की जगह 13 सितंबर 2021 को परीक्षा दी और भगवती की जगह 14 सितंबर को परीक्षा दी।
परीक्षा में इंदुबाला ने 1139वीं और भगवती को 239वीं रैंक आई। वर्षा की खुद की 834वीं रैंक आई थी। मामला उजागर होने के बाद राजस्थान पुलिस वर्षा की तलाश में जुटी थी, तब जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार की टीम ने पिछले वर्ष अक्टूबर में वर्षा को कोटा में पहचान छिपाकर रहते हुए पकड़ा था। वर्षा से उसका फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया था। बताया जाता है कि सभी रेंज में जोधपुर रेंज में सबसे अधिक पेपर लीक व नकल के आरोपी पकड़े गए हैं।
आरोपी वर्षा जोधपुर में पटवारी सीधी भर्ती परीक्षा-2021 में मूल अभ्यर्थी कोयली देवी की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में बैठी थी। तब वह पकड़ी गई और जोधपुर के महामंदिर थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ। इसके बाद बाड़मेर निवासी आरोपी वर्षा पिता के घर की बजाय जालोर में नाना के घर रहने लगी और वहीं के दस्तावेज भी बना लिए। पता बदलकर लेक्चरर की नौकरी में लगने से पुलिस सत्यापन के दौरान जानकारी नहीं हुई।
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