दूसरी ओर से बात करने वाले ने खुद को उसके कॉलेज का अमित सर बताया। उसने कहा कि उसकी फीस जमा नहीं हुई है। उसके पास एक ओटीपी आएगा वह बता दे। कुछ मिनट बाद युवती के मोबाइल में ओटीपी आया। उसने आरोपी को उसे बताया। इसके बाद उसके वॉट्सऐप ने काम करना बंद कर दिया।
दोस्तों को भेजा क्यूआरकोड
आरोपी ने छात्रा के वॉट्सऐप को कंट्रोल में लेकर छात्रा के मित्रों से मदद की गुहार लगाई। उन्हें क्यूआर कोड भेजा। छात्रा के दोस्त आशीष साहू ने 2000, अभिषेक चौधरी ने 18000, दीपक विश्वकर्मा ने 2000, दीपाली ने 500 और श्वेता सिंह ने 2000 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
अन्य खाते में भेजी रकम
पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि नंबर प्रभात कुमार गुप्ता, अनूपपुर का है। मुस्कान चौधरी के खाते में 4 फरवरी को 24500 रुपए ट्रांसफर हुए हैं। राशि को उसी दिन यूपीआई से अन्य खाते में ट्रांसफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रभात ने अपनी दोस्त मुस्कान चौधरी से उसका फोन-पे और क्यूआर कोड लिया था। इसके माध्यम से अंकिता के मित्रों से रुपए ठगे। बाद में रकम को ऑनलाइन सेंटर से दूसरे के खाते में ट्रांसफर करवा लिया। पुलिस ने आरोपी प्रभात को गिरफ्तार कर लिया है।