ज्यादा विकसित प्लॉट दिया जाए….
संभागायुक्त व आइडीए अध्यक्ष दीपक सिंह का कहना है कि आइडीए आवासीय व व्यावसायिक निर्माण करता है, जिसमें रोड व सार्वजनिक क्षेत्र में बड़ा क्षेत्र चला जाता है और विकसित क्षेत्र कम मिलता है। औद्योगिक विकास होता है तो सड़क कम होने से विकसित प्लॉट बड़ा रहता है। जब उद्योग विभाग पॉलिसी बना रहा था, तब यह बात सामने आई थी कि विकसित एरिया ज्यादा निकल रहा है। इस पर हमने ही सुझाव दिया था कि ज्यादा विकसित प्लॉट दिया जाए।40 किमी लंबा होगा कॉरिडोर
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रोजेक्ट पीथमपुर सेक्टर 7 से शुरू होगा, जो 19.4 किमी लंबा होगा और एयरपोर्ट के पीछे ग्राम रिंजलाय तक पहुंचेगा। यहां इसका अहिल्या पथ से कनेक्शन होगा। रिंजलाय से उज्जैन रोड के रेवती के बीच 15 किमी निर्माण होगा। दोनों सड़क 75 मीटर चौड़ी होगी। दोनों तरफ 300-300 मीटर जमीन ली जाएगी।जानिए क्या है दोनों प्रोजेक्ट में समानताएं
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर लंबाई – 19.4 किमीक्षेत्रफल – 1290.74 हेक्टेयर
लागत – 2124.80 करोड़
अहिल्या पथ
लंबाई – 15 किमीक्षेत्रफल – 1400 हेक्टेयर
लागत – 400 करोड़ गांव – नैनोद, रिजलाय, बुड़ानिया, बड़ा बांगड़दा, पालाखेड़ी, लिम्बोदा गारी, भरदरी व रेवती। यह होगा उपयोग : अहिल्या पथ में पांच योजनाएं बनाई जाएंगी। पालाखेड़ी व बुढ़ानिया की 214 हेक्टेयर पर फिनटेक सिटी तैयार होगी। इसमें क्लस्टर बेस्ड डेवलपमेंट कर फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी संस्थाओं को जमीन दी जाएगी। हाई पैकेज वाले कर्मचारियों के लिए आसपास ही आशियाना तैयार करेंगे। एपी 4 में गोल्फ सिटी 566 हेक्टेयर में प्रस्तावित है। 18 होल गोल्फ कोर्स को तीन जोन और 12 क्लस्टर में विकसित किया जाएगा।