केंद्रीय विद्यालय में कोई भी छात्र दाखिला ले सकता है। यहां सरकारी स्कूलों के छात्र भी एडमिशन ले सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवीएस में आरक्षण की सुविधा है। आइए, जानते हैं कि किस वर्ग के छात्र के लिए कितना आरक्षण है-
केवी का रिजर्वेशन पॉलिसी
केवीएस प्रवेश दिशा-निर्देशों के अनुसार, शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 25% सीटें आरक्षित हैं। वहीं एससी के लिए 15% सीटें, एसटी के लिए 7.5% और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी-नॉन-क्रीमी लेयर) के लिए 27% सीटें आवंटित हैं। वहीं दिव्यांग वर्ग के छात्रों के लिए 3% क्षैतिज आरक्षण यानी Horizontal Reservation का लाभ मिलता है। इस हिसाब से ओबीसी (NCL) के लिए 11 सीटें, RTE के लिए 10 सीटें, एससी के लिए 06 सीटें और एसटी के लिए 03 सीटें आरक्षित हैं।
सीट खाली रहने पर क्या होता है?
केवी के गाइडलाइंस के मुताबिक, आरक्षित श्रेणियों SC, ST या OBC एनसीएल में सीटें खाली रह जाती हैं, तो उनपर पहले RTE Quota के तहत एससी, एसटी, ओबीसी एनसीएल के छात्रों का एडमिशन लिया जाता है। फिर दूसरी प्राथमिकता कैटेगरी 1 यानी डिफेंस पर्सनल (आर्मी, एयरफोर्स, नेवी, कोस्ट गार्ड) को दी जाती है। तीसरी प्राथमिकता कैटेगरी 2 यानी केवीएस के कर्मचारियों को दी जाती है (इसमें KV से रिटायर हो चुके कर्मचारी शामिल नहीं हैं)।
एक साथ तीन ब्रांच चुनने की छूट
भारत में करीब 1253 केंद्रीय विद्यालय के स्कूल हैं। केवीएस की ब्रांच भारत ही नहीं विदेशों में भी है। हर साल यहां एडमिशन पाने के लिए लाखों की संख्या में आवेदन आते हैं। केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए आप ज्यादा से ज्यादा तीन ब्रांच चुन सकते हैं। वहीं कुछ महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स जिसे उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है।