शिव विधायक
रविंद्र सिंह भाटी सुबह 10 बजे जयपुर से बसवा के लिए रवाना हुए। इस दौरान कई जगह विधायक का भव्य स्वागत किया गया। जयपुर के 52 फुट हनुमानजी पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला कानोता, बस्सी और दौसा में रूका। यहां पर भी भाटी के समर्थक उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। माना जा रहा है कि विधायक अपने समर्थकों के साथ शाम को बसवा पहुंचे, जहां पर उन्होंने महाराणा सांगा स्मारक पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बसवा से राणा सांगा का खास नाता
बता दें कि दौसा जिले के बसवा कस्बे से मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा सांगा का गहरा नाता रहा है। दरअसल, साल 1527 में महाराणा सांगा और मुगल शासक बाबर के बीच ऐतिहासिक खानवा का युद्ध हुआ था, जिसमें राणा सांगा पराजित हुए थे। खानवा के युद्ध में राणा सांगा को गंभीर चोटें आईं थी। जिसके बाद वे अपने सैनिकों के साथ बसवा आ गए थे। यहां उन्होंने अपने घावों का इलाज कराया था और कुछ समय के लिए विश्राम किया था। बसवा में उनके ठहराव का यह स्थान आज राणा सांगा का चबूतरा के नाम से जाना जाता है, जो उनकी वीरता और संघर्ष की याद दिलाता है। यह स्थान न केवल महाराणा सांगा के उपचार और विश्राम का साक्षी है, बल्कि उनकी अंतिम गतिविधियों का भी गवाह है। आज भी यह चबूतरा पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जो महाराणा सांगा की वीरता और बलिदान की कहानी को जीवंत रखता है।