इसमें ऐसे अफसर जिनके काम के नतीजे अच्छे रहे हैं और सरकार को केंद्र स्तर पर, 16वें वित्त आयोग की प्रजेंटेशन बैठक में व अन्य स्तरों पर सराहना मिली, उनको बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। वहीं किरकिरी कराने वालों की कुर्सी खिसकना तय है।
12 बड़े विभागों का काम प्रभार
सूत्रों की मानें तो सरकार प्रदेश को जल्द ही स्वतंत्र कृषि उत्पादन आयुक्त और कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष देने की तैयारी में है। वर्तमान में कृषि उत्पादन आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार वन विभाग के एसीएस अशोक बर्णवाल व कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त जिमा सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे के पास है तो पीडब्ल्यूडी जैसे 12 बड़े विभागों का काम भी प्रभार पर चल रहा है। ये भी पढ़ें:
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प्रदेश के कुछ जिलों के कलेक्टर व संभागों के संभागायुक्त भी बदले जाने हैं। इस बदलाव के कई आधार होंगे। जिनमें जिलों में घटित होने वाली बड़ी घटनाओं को नहीं संभाल पाना, प्रशासनिक चूक के कारण घटना होना, नेताओं की वास्तविक नाराजगी का बार-बार सामने आना, खनिज माफिया व अपराधियों की करतूतें उजागर होना, अलग-अलग स्तर पर कमियों के कारण विपक्ष को मुद्दा मिलना, जैसे बिंदू अहम हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ऐसे कुछ बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द इन बड़े पदों व विभागों में पदस्थापना को लेकर काम के आधार पर ग्रेडिंग सिस्टम अपनाएगी।