पुलिस के लिए चुनौती बने
बाड़मेर जिले में चोरी की बड़ी वारदातें भी काफी हुई है। कुछ मामले तो ऐसे भी है जो आज भी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं और चोरों का सुराग तक नहीं लगा है। गत वर्ष 2024 में प्रत्येक दिन एक से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हुए है। देखा जाए तो पुलिस चोरी की वारदातों को लेकर गंभीर नहीं रही और जोधपुर रेंज में सबसे अधिक चोरी के मामले बाड़मेर जिले के थानों में दर्ज हुए।
मुखबिरी नेटवर्क और गश्त कमजोर
पुलिस का आमजन से आपसी सामंजस्य काफी कम हो चुका है। वहीं बीट प्रणाली फ्लॉप होने के साथ पुलिस का मुखबिरी नेटवर्क भी खोखला साबित हो रहा है। बाड़मेर पुलिस को खुफिया इनपुट नहीं मिल रहा है। रात्रि गश्त की बात करें तो शहर में भी पुलिस मुख्य मार्गों पर तैनात नहीं दिखती है, तो गांवों की बात ही छोड़ दी जाए। —
बड़ी चोरियों के 2 केस, अब तक अनसुलझे
केस 01 : धोरीमन्ना थाना क्षेत्र के शोभाला जैतमाल गांव में स्थित मकान में गत 24 अगस्त को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया। व्यापारी मोहनलाल माहेश्वरी के यहां से चोरों ने सवा किलो सोने के आभूषण, पौने पांच किलो चांदी के आभूषण व 3 लाख रुपए नकदी चुराई थी। चोर आभषूण का संदूक घर से उठाकर ले गए और खाली बॉक्स छोड़ गए।पुलिस ने अलग-अलग टीमों का भी गठन किया। लेकिन छह माह बीतने के बावजूद कोई खुलासा नहीं हो पाया है। केस 02 : ग्रामीण थाना क्षेत्र के चूली गांव में तीन माह पहले नवंबर में शैतानसिंह के यहां मकान के पीछे की खिडक़ी तोडकऱ अज्ञात चोर घर में घुस गए। घर से लोहे की पेटी (संदूक) उठाकर चोर ले गए। अज्ञात चोरों ने करीब 50 तोला सोना, 2 किलो चांदी व डेढ लाख रुपए चुरा लिए। वारदात के तीन माह बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई। अब मामले की जांच डिप्टी मदनसिंह की सौंपी है।
गश्त को प्रभावी किया है
बाड़मेर पुलिस चोरी के मामलों में सख्ती बरत रही है। शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि गश्त को भी प्रभावी किया गया है। चूली का प्रकरण खोल नहीं पाए है। इसके लिए हमने डिप्टी स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी है। मामले में मुखबिरी के जरिए पड़ताल की जा रही है। –
नरेंद्रसिंह मीना, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर जोधपुर रेंज : कौनसे जिले में कितने केस
जिला – चोरी के प्रकरण जोधपुर ग्रामीण – 393 फलोदी – 271 जैसलमेर – 268 बाड़मेर – 467
बालोतरा – 310 कुल केस – 1709