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विकसित होगा राजस्थान का ये एरिया, आवासों से लेकर कॉमर्शियल कॉप्लेक्स होंगे तैयार, Master Plan के भू-उपयोग सर्वेक्षण में हुआ खुलासा

Rajasthan News: विकास के लिए यह एरिया कवर होते ही यूआईटी का सुनियोजित विकास प्लान हो जाएगा पूरा। 5 हजार हेक्टेयर हो जाएगी विकसित भूमि, रिसॉर्ट बनेंगे, शिक्षण संस्थान खुलेंगे।

अलवरApr 04, 2025 / 09:08 am

Akshita Deora

तिजारा बाइपास जहां विकास तेजी से बढ़ रहा है। यहां सड़कों में सुधार हुआ है और बहुमंजिला इमारतें बढ़ रही हैं।

सुशील कुमार

दिल्ली रोड पर 25 साल पहले देखा गया विकास का सपना बाइपास ने पूरा कर दिया। यानी दिल्ली मार्ग पर प्रस्तावित विकास बाइपास पर हो गया। इसके साथ यहां का विकसित एरिया बढ़ गया। इसका खुलासा मास्टर प्लान के भू-उपयोग सर्वेक्षण में हुआ है। अब 500 हेक्टेयर एरिया में यहां और विकास होना प्रस्तावित किया गया है। माना जा रहा है कि अगले एक दशक में यह पूरा एरिया विकसित होगा, जिसे सुनियोजित विकास का नाम दिया जाएगा। आवासों से लेकर कॉमर्शियल कॉप्लेक्स तैयार होंगे। वहीं, जयपुर व राजगढ़ मार्ग पर रिसॉर्ट बनेंगे। साथ ही शिक्षण संस्थानों को जगह मिलेगी।

ये है सर्वेक्षण रिपोर्ट

मास्टर प्लान 2001 के अन्तर्गत शहर का अधिकांश विकास दिल्ली रोड पर प्रस्तावित था, परन्तु भू-उपयोग सर्वेक्षण से पता चला कि मास्टर प्लान अवधि (वर्ष 1988 से 2011) में बाइपास रोड बन जाने के कारण शहर का विकास बाइपास की तरफ अधिक हुआ है। तिजारा रोड से भिवाड़ी होते हुए दिल्ली-रेवाड़ी-गुरुग्राम के लिए सीधा मार्ग हो जाने के कारण इस रोड पर वर्तमान विकास तीव्रता से हो रहा है। बहरोड़ मार्ग के साथ भी शहरी विकास हुआ है। जयपुर रोड व राजगढ़ रोड पर मुयतया: रिसॉर्ट, होटल व शैक्षणिक संस्थानों का निर्माण हुआ है। दिल्ली रोड के उत्तर व दक्षिण में नगर विकास न्यास की कॉलोनियां विकसित हुई हैं, जिसमें सूर्य नगर, वैशाली नगर लगभग आबाद हैं। अंबेडकर नगर के लिए प्रयास चल रहे हैं।

आबादी तय करती है विकास

वर्ष 1988 में तय हुआ था कि वर्ष 2001 तक अलवर की आबादी करीब 5 लाख होगी। इसके लिए 5 हजार हेक्टेयर एरिया विकसित किया जाएगा, लेकिन इतनी आबादी अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में विकास का पहिया नहीं घूम पाया। हालांकि वर्ष 2011 तक चार हजार हेक्टेयर क्षेत्र विकसित क्षेत्र हो गया था। यूआईटी की नई कॉलोनी रोहिणी, साकेत के अलावा 31 हेक्टेयर में प्रस्तावित कॉलोनी के बनने से करीब 500 हेक्टेयर एरिया कवर होगा और इतना ही एरिया बाईपास पर कवर करने की योजना मास्टर प्लान में दी गई है।
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पॉकेट में विकसित करने होंगे एरिया

नगर निगम के रिटायर्ड इंजीनियर विवेक सिंह का कहना है कि बाइपास एरिया में विकास तेजी से हुआ है, लेकिन यह भी देखना होगा कि समुचित नया शहर यही न बसने पाए। इसके लिए यूआईटी को अलग-अलग पॉकेट में एरिया विकसित करने होंगे। अलग-अलग बाजार के लिए जगह सुरक्षित करनी होगी। दिल्ली रोड पर विकास को अनदेखा नहीं किया जा सकता, जहां कमियां रही हैं, उन्हें पूरा करना चाहिए। यूआईटी अपनी कॉलोनियों को जल्द धरातल पर लाए ताकि आबादी और बसाई जा सके।

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